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Bihar: पैरा एथलीट झंडू कुमार ने पीएम मोदी से की मुलाकात, संघर्ष से कॉमनवेल्थ पदक तक की कहानी बनी प्रेरणा

Mon, 10 Aug 2026 11:10 AM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा Published by: पटना ब्यूरो Updated Mon, 10 Aug 2026 11:10 AM IST
सार

नालंदा के पैरा एथलीट झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

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Nalanda  news Jhandu, a native of Nalanda, met Prime Minister Modi.
पीएम मोदी के साथ झंडू कुमार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्ञान और इतिहास की धरती नालंदा अब खेल के मैदान में भी अपनी पहचान बना रही है। कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर देश, बिहार और नालंदा का नाम रोशन करने वाले पैरा एथलीट झंडू कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने के बाद प्रधानमंत्री आवास पर हुई यह मुलाकात झंडू के खेल करियर का बेहद खास और यादगार पल बन गई। छोटे से कस्बे से निकलकर देश के प्रधानमंत्री से मिलने तक का उनका सफर संघर्ष, मेहनत और लगन की मिसाल है।

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पीएम मोदी से मुलाकात के बाद बढ़ा आत्मविश्वास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झंडू कुमार की खेल उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुलाकात के बाद झंडू कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री से मिलना उनके जीवन के सबसे खास और भावुक पलों में से एक रहा।  उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी देश के लिए खेलता है और देश का सर्वोच्च नेतृत्व उसके संघर्ष और उपलब्धि की सराहना करता है तो उसका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ जाता है। प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन और शुभकामनाओं ने उन्हें भविष्य में देश के लिए और बेहतर प्रदर्शन करने की नई प्रेरणा दी है।
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2019 में शुरू हुआ सफर, 2022 में जीता पहला बड़ा पदक
झंडू कुमार की सफलता अचानक नहीं मिली। उनकी खेल यात्रा वर्ष 2019 में शुरू हुई, जब वह नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन से जुड़े। उस समय संसाधनों की कमी और कई चुनौतियां थीं, लेकिन उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपना प्रशिक्षण जारी रखा। लगातार मेहनत का परिणाम वर्ष 2022 में मिला, जब उन्होंने अपना पहला महत्वपूर्ण पदक जीता। यह सफलता उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुई। इसके बाद उन्होंने राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई और आखिरकार कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतकर अपने सफर को नई ऊंचाई दी।
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नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी बनी करियर की बड़ी ताकत
वर्ष 2022 में हरनौत में स्थापित नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी झंडू कुमार के करियर में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई। अकादमी से जुड़ने के बाद उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए सुविधाएं मिलीं। यहीं से उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए खुद को तैयार किया। फिलहाल झंडू कुमार जुलाई 2024 से गुजरात के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र में अभ्यास कर रहे हैं। वहां वह कोच रहेलू कर के मार्गदर्शन में आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे हैं।

कोच कुंदन पांडेय और ट्रेनर गौतम सिंह का अहम योगदान
झंडू कुमार की सफलता के पीछे उनके कोच और मेंटर का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वर्ष 2019 से नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव और कोच कुंदन कुमार पांडेय लगातार उनके साथ रहे हैं। उन्होंने झंडू को खेल की बारीकियां सिखाने के साथ प्रतियोगिताओं की रणनीति और मानसिक मजबूती पर भी काम किया। कुंदन कुमार पांडेय ने कहा कि झंडू की सफलता रातों-रात नहीं मिली। वर्ष 2019 से लगातार मेहनत, अनुशासन, प्रशिक्षण और सहयोग का परिणाम आज सामने है। कॉमनवेल्थ गेम्स तक उनका पहुंचना पूरे नालंदा और बिहार के लिए गर्व की बात है।

वहीं, झंडू के करियर के शुरुआती दौर में फिटनेस को मजबूत बनाने में द रॉकस्टार के संस्थापक और जिम ट्रेनर गौतम सिंह का भी अहम योगदान रहा। वर्ष 2020 से 2024 तक उन्होंने झंडू की फिटनेस, ताकत और शारीरिक क्षमता पर काम किया। झंडू ने दोनों का आभार जताते हुए कहा कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसकी नींव में उनके कोच और ट्रेनर की मेहनत भी शामिल है।

गोल्डी कुमारी के बाद पीएम से मिलने वाले नालंदा के दूसरे खिलाड़ी
झंडू कुमार नालंदा के उन चुनिंदा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं, जिन्हें अपनी उपलब्धि के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का अवसर मिला। इससे पहले नालंदा की खिलाड़ी गोल्डी कुमारी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिलने के बाद प्रधानमंत्री से मुलाकात का अवसर मिला था। झंडू की उपलब्धि नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी और नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के लिए भी गौरव का विषय है। उनकी सफलता यह दिखाती है कि ग्रामीण और छोटे शहरों के खिलाड़ियों को सही प्रशिक्षण, संसाधन और मार्गदर्शन मिले तो वे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

युवाओं को दिया मेहनत और धैर्य का संदेश
झंडू कुमार अब नालंदा और हरनौत के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उन्होंने युवा खिलाड़ियों से बड़े सपने देखने और पूरी ईमानदारी व लगन से मेहनत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रास्ते में असफलताएं जरूर आएंगी, लेकिन उनसे निराश नहीं होना चाहिए। आज मैदान में बहाया गया पसीना ही कल पहचान बनता है।


उन्होंने अपनी भावनाएं कविता के जरिए भी व्यक्त की-

“आपका साथ मेरी ताकत है, आपका विश्वास मेरी पहचान।
मैदान में पसीना मेरा, पर जीत में आप सबका सम्मान।”

झंडू ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, कोच कुंदन कुमार पांडेय, ट्रेनर गौतम सिंह, साथी खिलाड़ियों, नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन, नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी, गांधीनगर प्रशिक्षण केंद्र के कोच रहेलू कर और पूरे नालंदा के खेल प्रेमियों को दिया। कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद पूरे नालंदा में खुशी का माहौल है। रवि कुमार, प्रमोद कुमार, डॉ. सुभाष कुमार, ज्ञानेश कुमार, सत्यनाम कबीर, विनय कुमार, चंदा कुमारी, संजू कुमारी, ओमप्रकाश पटेल, विकास कुमार, सीमा कुमारी और अमित पांडे समेत नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी और नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन से जुड़े लोगों ने झंडू कुमार को बधाई दी।

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