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बिहार: कैब और बाइक टैक्सी कम्पनियों को क्यों दिया गया 30 अक्तूबर तक का अल्टीमेटम, नियम नहीं माने तो क्या होगा?

Sat, 24 Oct 2026 05:52 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Sat, 24 Oct 2026 05:52 AM IST
सार

बिहार में ओला, उबर और रैपिडो समेत कैब एग्रीगेटर कंपनियों पर परिवहन विभाग ने सख्ती की है। कंपनियों ने अगर नियम का पालन नहीं किया तो इनका लाइसेंस भी रद्द हो सकता है। आइए जानते हैं कि बिहार सरकार ने इन्हें क्या क्या निर्देश दिया है?

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Bihar to Expand Ambulance Services Through Cab Aggregators,  Transport Rules bike texy Licences
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

बिहार में ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप आधारित कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। परिवहन विभाग ने कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे चालकों की समस्याओं के समाधान के लिए कॉल सपोर्ट, हिंदी और अंग्रेजी में चैटबॉट और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएं। निर्देशों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। ओला और उबर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 30 अक्तूबर तक अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा गया है।

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परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने एग्रीगेटर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में पहले दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। उन्होंने जरूरत के समय यात्रियों को आपातकालीन परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के माध्यम से एंबुलेंस सेवा का विस्तार करने की संभावनाओं पर भी काम करने को कहा। संबंधित कंपनियों को इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

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हिंदी में भी मिलेगी चैटबॉट की सुविधा

परिवहन विभाग ने ओला, उबर, रैपिडो और सवारी मिथिला को अपने प्लेटफॉर्म पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में चैटबॉट की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इससे हिंदी भाषी चालक और यात्री अपनी भाषा में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और सेवा से जुड़ी समस्याओं के समाधान में आसानी होगी। चालकों की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए कंपनियों को कॉल सपोर्ट की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।

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निजी वाहनों को जोड़ने पर रोक, कैंसिलेशन और नाइट चार्ज की होगी समीक्षा

विभाग ने स्पष्ट किया है कि एग्रीगेटर कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म से निर्धारित नियमों के अनुरूप केवल व्यावसायिक वाहनों को ही जोड़ें। इसके अलावा यात्रियों को जरूरी सूचनाएं देने, राइड कैंसिलेशन चार्ज और रात में लगने वाले नाइट चार्ज से संबंधित प्रावधानों की समीक्षा की गई।

कंपनियों को ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के संदेश की अवधि दो सेकंड से बढ़ाकर 10 सेकंड करने का निर्देश दिया गया है, ताकि चालक और अन्य उपयोगकर्ता प्रसारित सूचना को आसानी से समझ सकें। चालक की आईडी निलंबित करने से जुड़े मामलों में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने को भी कहा गया है।

 

बिहार में स्थानीय कार्यालय और एयरपोर्ट पर पार्किंग की व्यवस्था

परिवहन विभाग ने कंपनियों को बिहार में स्थानीय कार्यालय स्थापित करने का निर्देश दिया है, ताकि सेवाओं का संचालन बेहतर हो सके और शिकायतों का समाधान समय पर किया जा सके। इसके साथ ही एग्रीगेटर वाहनों के ठहराव के लिए एयरपोर्ट पर उपयुक्त पार्किंग स्थल चिह्नित करने के उद्देश्य से एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।

 

30 अक्टूबर तक रिपोर्ट देने का निर्देश

बैठक में कंपनियों की ओर से प्रस्तुत अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा की गई। ओला और उबर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 30 अक्टूबर 2026 तक निर्देशों के अनुपालन से संबंधित रिपोर्ट देने को कहा गया है। परिवहन सचिव राज कुमार ने स्पष्ट किया कि सभी कंपनियों को निर्धारित समय-सीमा में निर्देशों का पालन करना होगा। ऐसा नहीं करने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है। राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने कहा कि एग्रीगेटर कंपनियों की सेवाओं में यात्रियों की सुविधा, चालकों की समस्याओं के समाधान और नियमों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशों की निगरानी करने और जरूरत के अनुसार सत्यापन व कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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