Bihar News: ट्रेनिंग सेंटर या बीमारी का ठिकाना? शिक्षकों की थाली में निकला कॉकरोच, प्रबंधन पर उठे सवाल
बाढ़ स्थित पीटीईसी कॉलेज में प्रशिक्षण ले रहे शिक्षकों ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें परोसे गए खाने में कॉकरोच और कीड़े मिले हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ गए हैं।
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बाढ़ स्थित पीटीईसी कॉलेज में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षकों ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर विरोध जताया है। शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें दिए जा रहे खाने में कीड़े और कॉकरोच निकल रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे पैदा हो रहे हैं। इसको लेकर प्रशिक्षण में शामिल कई शिक्षकों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की है।
विभिन्न जिलों से प्रशिक्षण लेने आते हैं शिक्षक
पीटीईसी कॉलेज में बिहार के विभिन्न जिलों से शिक्षक प्रशिक्षण के लिए आते हैं। प्रशिक्षण अवधि के दौरान उनके रहने, खाने और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था प्रशिक्षण महाविद्यालय द्वारा की जाती है। शिक्षकों का कहना है कि पिछले कुछ समय से भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका आरोप है कि पहले भी कई शिक्षक भोजन करने के बाद बीमार पड़ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
खाने में कॉकरोच मिलने का लगाया आरोप
नालंदा जिले से प्रशिक्षण के लिए आए शिक्षक मृणाल कुमार ने बताया कि सुबह के नाश्ते में दी गई पुरी में कॉकरोच निकला। उन्होंने कहा कि इस तरह का भोजन खाने से फूड प्वाइजनिंग और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। मृणाल कुमार ने दावा किया कि उन्होंने कॉकरोच मिले भोजन का सैंपल भी सुरक्षित रखा है। उनका कहना है कि यहां भोजन की गुणवत्ता को लेकर आए दिन शिकायतें होती रहती हैं, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।
शिकायत के बाद भी नहीं पहुंचे प्रधानाचार्य
शिक्षकों ने बताया कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत कॉलेज प्रबंधन से की, तो उनकी बात सुनने के लिए प्रधानाचार्य स्वयं नहीं पहुंचे। उनकी जगह एक प्रशासनिक अधिकारी (एडमिन) वहां आया और शिक्षकों से कहा कि प्रधानाचार्य बाद में उनसे मुलाकात करेंगे। शिक्षकों का आरोप है कि शिकायत करने पर कई बार उन्हें डांट-फटकार का सामना करना पड़ता है, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता।
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अंतिम दिन भी बना रहा विवाद
विरोध करने वाले शिक्षकों में नालंदा जिले के रासबिहारी हाई स्कूल से आए शिक्षक भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का उनका अंतिम दिन है, लेकिन भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर उनकी चिंता लगातार बनी हुई है। घटना के बाद कॉलेज प्रबंधन की व्यवस्थाओं और भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षकों ने मांग की है कि भोजन की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और भविष्य में ऐसी शिकायतों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें।