Bihar News: बिहार में एक और अफसर की खुली पोल, भ्रष्टाचार कर आय से 62 लाख से अधिक की संपत्ति कमाने का आरोप
बिहार में एक और भ्रष्ट अफसर पर कार्रवाई हुई है। इस अफसर पर आय से काफी अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने आज चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है। आइये जानते हैं पूरा मामला...
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बिहार में एक और भ्रष्ट अधिकारी पर कार्रवाई हुई है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में सहरसा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) अजीत अमर के खिलाफ शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। ईओयू ने विशेष निगरानी न्यायालय, मुजफ्फरपुर से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद एक साथ चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की जा रही है।
ईओयू की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में अजीत अमर के खिलाफ 62 लाख 20 हजार 550 रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिले हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि यह उनकी ज्ञात वैध आय से करीब 72.35 प्रतिशत अधिक है। इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तलाशी की कार्रवाई की जा रही है।
चार स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की
शुक्रवार सुबह ईओयू की अलग-अलग टीमों ने चार स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। जांच टीम ने सीवान जिले के रैनी गांव स्थित पैतृक एवं निजी मकान, सहरसा के नया बाजार स्थित किराये के आवास, सहरसा स्थित कार्यालय कक्ष तथा छपरा की गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास समेत चार स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। सभी स्थानों पर पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें जांच में जुटी हैं।
अजीत अमर करीब छह महीने पहले छपरा से स्थानांतरित होकर सहरसा आए थे। इससे पहले भी वह विवादों में रहे थे। छपरा में तैनाती के दौरान उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों में 32 महीने के भीतर करीब 2.51 करोड़ रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आने के बाद उनकी कार्यशैली पर सवाल उठे थे। उस मामले की जांच भी चर्चा में रही थी। फिलहाल ईओयू की तलाशी कार्रवाई जारी है। ईओयू ने बताया कि तलाशी अभियान अभी जारी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेजों, नकदी, आभूषण और अन्य संपत्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।