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Bihar: 'ये महोत्सव भाषा, संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन का जीवंत उत्सव', कार्यक्रम में बोले विधानसभा अध्यक्ष
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Sat, 28 Mar 2026 07:55 PM IST
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सार
पटना के बापू टावर में दो दिवसीय मगही महोत्सव 2.0 का शुभारंभ हुआ, जहां विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने इसे भाषा, संस्कृति और विरासत को सहेजने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बताया।
पटना में दो दिवसीय मगही महोत्सव 2.0 का शुभारंभ करते हुए मंच पर मौजूद अतिथिगण।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार में मगही कनेक्शन के तत्वावधान में दो दिवसीय मगही महोत्सव 2.0 का शुभारंभ शनिवार को बापू टॉवर में हुआ। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने इस मौके पर कहा, “मगही महोत्सव के सांस्कृतिक पर्व के अवसर पर हम सभी एकत्रित हुए हैं। यह हमारी पहचान, हमारी जड़ों और समृद्ध विरासत का प्रतीक है। मगही महोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भाषा, संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन का जीवंत उत्सव है। मैं पहले संस्करण में भी इसका हिस्सा बना था, और आज यहां आकर मुझे मगध के सांस्कृतिक गौरवबोध से जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है"।
बता दें, बिहार की प्रमुख भाषाओं में मगही का महत्वपूर्ण स्थान है, जो अपनी मिठास और समृद्ध विरासत को समेटे है। इसे शिक्षा, साहित्य और दैनिक जीवन में स्थान देने के लिए हम सभी को प्रयास करना होगा तथा नई पीढ़ी को इसके प्रति जागरूक करना होगा। यह महोत्सव भाषा और संस्कृति से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम ही नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन भी है।” पटना की मेयर सीता साहू ने कहा कि पटना नगर निगम भी भाषा और संस्कृति को प्रोत्साहित करने में जुटा है। महोत्सव के पहले दिन की शुरुआत के मौके मगध के इतिहास और पर्यटन से जुड़े चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई, यह आज भी जारी रहेगा।
सुतल सइयां के जगावे कोयलिया हो तोरी मीठी बोलिया
इसके पूर्व गया घराने की गायिकी से इसका शुभारंभ हुआ। पंडित सतीश शर्मा ने राग भैरवी, ठुमरी में अपनी प्रस्तुति दी। इसके साथ ही पंडित सतीश ने चैती गीत सुनाया। इसके बोल थे, सुतल सइयां के जगावे कोयलिया हो तोरी मीठी बोलिया...। इसके अलावा रसे रसे सावन रस बुंदिया.....कजरी का गायन किया। उन्होंने “सुतल सैयाँ के जगावे कोयलिया, बोले मीठी बोलिया” जैसे मधुर गीत प्रस्तुत कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
'मगही भाषा को अकादमिक क्षेत्र में भी बेहतर बनाना होगा'
महोत्सव के पहले सत्र में “मगही भाषा के उत्थान चुनौतियां और समाधान” विषय पर चर्चा हुई। प्राध्यापक डॉ. किरण कुमारी शर्मा ने मगही भाषा को बेहतर करने के संबंध में कहा कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को मगही भाषा और इसकी पढ़ाई की दिशा में सकारात्मक पहल करना होगा।
द्वितीय सत्र में “मगध की संस्कृति व परंपरा” विषय पर चर्चा हुई, जिसमें डी.एन. सिन्हा (पूर्व अधीक्षण पुरातत्वविद, एएसआई), वरिष्ठ पत्रकार समी अहमद और संस्कृतिकर्मी निराला ने अपने विचार रखे।
ये भी पढ़ें- Bihar News: दर्दनाक सड़क हादसे में तीन दोस्तों की मौत, एक अब भी लापता; मेला देखकर लौट रहे थे घर
वहीं, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि ने अपने मगहिया संबोधन में मगही भाषा बहुत ही पौराणिक भाषा है, सुंदर पहल है कि मगही भाषा के लिए एक प्लेटफार्म पर विचार विमर्श किया जा रहा है। इस सत्र का संचालन रविशंकर उपाध्याय ने किया। भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने अपना पूरा संबोधन मगही भाषा में किया। उन्होंने कहा कि यह दूसरा मौका है, जब वे मगही में संबोधन कर रहे हैं। इसके पहले उन्होंने 2025 के मगही महोत्सव में अपना संबोधन दिया था।
कुमार रवि ने कहा कि मगही भाषा बड़ी भू भाग में बोली जानेवाली भाषा है। मगही तभी समृद्ध होगी, जब हम घरों में भी इसका प्रयोग करेंगे। उन्होंने इसके आयोजन के लिए आयोजन समिति के सदस्यों को बधाई दी। खास बात ये रही कि बॉलीवुड के कलाकारों ने भी मगही महोत्सव में लिया हिस्सा
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बता दें, बिहार की प्रमुख भाषाओं में मगही का महत्वपूर्ण स्थान है, जो अपनी मिठास और समृद्ध विरासत को समेटे है। इसे शिक्षा, साहित्य और दैनिक जीवन में स्थान देने के लिए हम सभी को प्रयास करना होगा तथा नई पीढ़ी को इसके प्रति जागरूक करना होगा। यह महोत्सव भाषा और संस्कृति से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम ही नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन भी है।” पटना की मेयर सीता साहू ने कहा कि पटना नगर निगम भी भाषा और संस्कृति को प्रोत्साहित करने में जुटा है। महोत्सव के पहले दिन की शुरुआत के मौके मगध के इतिहास और पर्यटन से जुड़े चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई, यह आज भी जारी रहेगा।
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सुतल सइयां के जगावे कोयलिया हो तोरी मीठी बोलिया
इसके पूर्व गया घराने की गायिकी से इसका शुभारंभ हुआ। पंडित सतीश शर्मा ने राग भैरवी, ठुमरी में अपनी प्रस्तुति दी। इसके साथ ही पंडित सतीश ने चैती गीत सुनाया। इसके बोल थे, सुतल सइयां के जगावे कोयलिया हो तोरी मीठी बोलिया...। इसके अलावा रसे रसे सावन रस बुंदिया.....कजरी का गायन किया। उन्होंने “सुतल सैयाँ के जगावे कोयलिया, बोले मीठी बोलिया” जैसे मधुर गीत प्रस्तुत कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
'मगही भाषा को अकादमिक क्षेत्र में भी बेहतर बनाना होगा'
महोत्सव के पहले सत्र में “मगही भाषा के उत्थान चुनौतियां और समाधान” विषय पर चर्चा हुई। प्राध्यापक डॉ. किरण कुमारी शर्मा ने मगही भाषा को बेहतर करने के संबंध में कहा कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को मगही भाषा और इसकी पढ़ाई की दिशा में सकारात्मक पहल करना होगा।
द्वितीय सत्र में “मगध की संस्कृति व परंपरा” विषय पर चर्चा हुई, जिसमें डी.एन. सिन्हा (पूर्व अधीक्षण पुरातत्वविद, एएसआई), वरिष्ठ पत्रकार समी अहमद और संस्कृतिकर्मी निराला ने अपने विचार रखे।
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वहीं, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि ने अपने मगहिया संबोधन में मगही भाषा बहुत ही पौराणिक भाषा है, सुंदर पहल है कि मगही भाषा के लिए एक प्लेटफार्म पर विचार विमर्श किया जा रहा है। इस सत्र का संचालन रविशंकर उपाध्याय ने किया। भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने अपना पूरा संबोधन मगही भाषा में किया। उन्होंने कहा कि यह दूसरा मौका है, जब वे मगही में संबोधन कर रहे हैं। इसके पहले उन्होंने 2025 के मगही महोत्सव में अपना संबोधन दिया था।
कुमार रवि ने कहा कि मगही भाषा बड़ी भू भाग में बोली जानेवाली भाषा है। मगही तभी समृद्ध होगी, जब हम घरों में भी इसका प्रयोग करेंगे। उन्होंने इसके आयोजन के लिए आयोजन समिति के सदस्यों को बधाई दी। खास बात ये रही कि बॉलीवुड के कलाकारों ने भी मगही महोत्सव में लिया हिस्सा