Bihar News: बिना सीमांकन अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी करना कितना जायज़? यहां वन विभाग के खिलाफ फूटा जनआक्रोश
सासाराम के मां ताराचंडी धाम क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ नोटिस के विरोध में स्थानीय लोगों ने वन विभाग कार्यालय का घेराव किया। भाकपा माले ने बिना सीमांकन जारी नोटिस को गैरकानूनी बताते हुए कार्रवाई वापस लेने की मांग की। अब आगे क्या होगा?
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जिला मुख्यालय सासाराम स्थित मां ताराचंडी धाम के समीप नगर निगम वार्ड संख्या 38 में जारी अतिक्रमण हटाओ नोटिस के विरोध में गुरुवार को स्थानीय लोगों ने वन विभाग कार्यालय का घेराव किया। भाकपा (माले) के जिला सचिव अशोक बैठा के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और कार्यकर्ता वन विभाग कार्यालय पहुंचे और विभाग की कार्रवाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वन विभाग बिना किसी खाता, प्लॉट अथवा रकबा का सीमांकन किए ही गरीबों को उजाड़ने की धमकी दे रहा है। भाकपा माले जिला सचिव अशोक बैठा ने कहा कि बिना विधिवत सीमांकन के नोटिस जारी करना पूरी तरह अवैध और मनमाना कदम है।
कोर्ट से लेकर सड़क तक संघर्ष करने का अल्टीमेटम
उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग की यह कार्रवाई वन अधिकार अधिनियम, 2006 तथा अनुसूचित जनजातियों के लिए प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। अशोक बैठा ने चेतावनी दी कि यदि अतिक्रमण हटाओ नोटिस तत्काल वापस नहीं लिए गए, तो पार्टी कोर्ट से लेकर सड़क तक संघर्ष करेगी।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने वन क्षेत्रीय अधिकारी को एक मांग पत्र भी सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे आजादी से पहले से उक्त भूमि पर रह रहे हैं और बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए उन्हें बेदखल करना गैरकानूनी है।
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वन विभाग कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी
घेराव के कारण वन विभाग कार्यालय परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस मौके पर रीता देवी, सोनी देवी, मिथिलेश राम, शीला देवी, माधुरी देवी, विनोद कुमार बहेलिया, विजय राम, भानु प्रकाश, शशिकांत यादव निराला, सोनू दबंग सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और भाकपा माले के कार्यकर्ता मौजूद रहे।