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Bihar: अमित शाह का ‘सुरक्षा कवच’ मंथन, बदलती जनसांख्यिकी और नेपाल सीमा की अभेद्य घेराबंदी पर बड़ा एक्शन प्लान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Fri, 27 Feb 2026 04:26 PM IST
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सार
अमित शाह के तीन दिवसीय सीमांचल दौरे का समापन पूर्णिया में हाई-लेवल सिक्योरिटी मीटिंग के साथ हुआ। भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाके की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्री ने घुसपैठ और तस्करी पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश दिया।
अधिकारियों के साथ बैठक करते गृह मंत्री अमित शाह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय सीमांचल दौरे का समापन आज पूर्णिया में एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील हाई-लेवल सिक्योरिटी मीटिंग के साथ हुआ। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इस इलाके की सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए गृह मंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों और शीर्ष अधिकारियों के साथ सीमांचल की ‘किलेबंदी’ की रणनीति पर अंतिम मुहर लगाई। यह बैठक केवल औपचारिक समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें सीमा सुरक्षा को पूरी तरह मजबूत और अभेद्य बनाने के साथ-साथ देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े उभरते खतरों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सीमांचल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में गृह मंत्री ने साफ कहा कि सीमांचल की सुरक्षा केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चर्चा के दौरान तीन प्रमुख बिंदुओं पर खास जोर दिया गया। पहला, भारत-नेपाल सीमा के खुले रास्तों का फायदा उठाकर होने वाली घुसपैठ और तस्करी को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश दिया गया। बीएसएफ और एसएसबी को इंटेलिजेंस शेयरिंग को और अधिक सटीक और प्रभावी बनाने को कहा गया।
बदलती जनसंख्या और आंतरिक सुरक्षा पर मंथन
सीमावर्ती जिलों में तेजी से बदलती जनसंख्या और उसके सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने गंभीर मंथन किया। इसे देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती के रूप में रेखांकित किया गया।
पढ़ें- Bihar News: कॉलेज के मैदान में अधेड़ का शव मिलने से सनसनी, पास से ‘तनी..हनी..जयश्री’ लिखा पत्र और जहर बरामद
फेंसिंग और हाई-टेक निगरानी पर जोर
सीमा पर फेंसिंग यानी बाड़ा की मौजूदा स्थिति की भी समीक्षा की गई। गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि अत्याधुनिक निगरानी कैमरे, थर्मल इमेजर और सेंसर आधारित तकनीक का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाए, ताकि किसी भी तरह की मानवीय चूक की गुंजाइश न रहे।
केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर बल
बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में अमित शाह ने स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय बलों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमाई इलाकों में होने वाली हर छोटी गतिविधि पर रियल टाइम निगरानी होनी चाहिए।
‘वाइब्रेंट विलेज’ के जरिए सीमाई गांव होंगे मजबूत
बैठक के दौरान अधिकारियों को केंद्र सरकार की आगामी सुरक्षा योजनाओं और ‘वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों को सुरक्षा की पहली पंक्ति के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करने को कहा गया। शाम 4 बजे तक प्रस्तावित इस बैठक को दोपहर 2:30 बजे तक ही गहन चर्चा के बाद पूरा कर लिया गया। बैठक में सुरक्षा से जुड़े सभी तकनीकी और जमीनी पहलुओं पर विस्तार से विचार किया गया। सूचना ब्यूरो के निदेशक और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने बैठक की गंभीरता को और स्पष्ट कर दिया।
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सीमांचल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में गृह मंत्री ने साफ कहा कि सीमांचल की सुरक्षा केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चर्चा के दौरान तीन प्रमुख बिंदुओं पर खास जोर दिया गया। पहला, भारत-नेपाल सीमा के खुले रास्तों का फायदा उठाकर होने वाली घुसपैठ और तस्करी को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश दिया गया। बीएसएफ और एसएसबी को इंटेलिजेंस शेयरिंग को और अधिक सटीक और प्रभावी बनाने को कहा गया।
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बदलती जनसंख्या और आंतरिक सुरक्षा पर मंथन
सीमावर्ती जिलों में तेजी से बदलती जनसंख्या और उसके सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने गंभीर मंथन किया। इसे देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती के रूप में रेखांकित किया गया।
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फेंसिंग और हाई-टेक निगरानी पर जोर
सीमा पर फेंसिंग यानी बाड़ा की मौजूदा स्थिति की भी समीक्षा की गई। गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि अत्याधुनिक निगरानी कैमरे, थर्मल इमेजर और सेंसर आधारित तकनीक का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाए, ताकि किसी भी तरह की मानवीय चूक की गुंजाइश न रहे।
केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर बल
बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में अमित शाह ने स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय बलों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमाई इलाकों में होने वाली हर छोटी गतिविधि पर रियल टाइम निगरानी होनी चाहिए।
‘वाइब्रेंट विलेज’ के जरिए सीमाई गांव होंगे मजबूत
बैठक के दौरान अधिकारियों को केंद्र सरकार की आगामी सुरक्षा योजनाओं और ‘वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों को सुरक्षा की पहली पंक्ति के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करने को कहा गया। शाम 4 बजे तक प्रस्तावित इस बैठक को दोपहर 2:30 बजे तक ही गहन चर्चा के बाद पूरा कर लिया गया। बैठक में सुरक्षा से जुड़े सभी तकनीकी और जमीनी पहलुओं पर विस्तार से विचार किया गया। सूचना ब्यूरो के निदेशक और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने बैठक की गंभीरता को और स्पष्ट कर दिया।