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Bihar News: नवजात की मौत पर फूटा गुस्सा! पूर्णिया के निजी क्लिनिक में हंगामा, डॉक्टर-स्टाफ मौके से फरार

Thu, 06 Aug 2026 08:04 PM IST
पूर्णिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया Published by: पूर्णिया ब्यूरो Updated Thu, 06 Aug 2026 08:04 PM IST
सार

पूर्णिया के लाइन बाजार स्थित एक निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान नवजात बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और अनधिकृत लोगों से उपचार कराने का आरोप लगाया। घटना के बाद डॉक्टर और क्लिनिक के कर्मचारी मौके से चले गए।

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High Drama at Purnia Clinic After Newborn's Death, Doctor and Staff Flee
मौत के बाद रोते बिखलते परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के पूर्णिया जिले के चर्चित मेडिकल हब लाइन बाजार स्थित एक निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान एक नवजात बच्ची की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए क्लिनिक परिसर में प्रदर्शन किया। घटना के बाद परिजनों का आक्रोश बढ़ता देख डॉक्टर और क्लिनिक के कर्मचारी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पीड़ित परिवार ने मामले में के. हाट थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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ऑपरेशन से हुआ था बच्ची का जन्म

पीड़ित परिवार के सदस्य एवं सदर थाना क्षेत्र के आनंद नगर (वार्ड संख्या-52) निवासी बिहू कुमार ने बताया कि उनकी बहन काजल कुमारी ने 4 अगस्त 2026 को डॉ. अंजना सिन्हा के यहां ऑपरेशन के माध्यम से एक बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची के जन्म के बाद डॉ. अंजना सिन्हा ने नवजात एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मो. रज्जाक के लाइन बाजार स्थित क्लिनिक में उसे भर्ती कराने की सलाह दी। डॉक्टर की सलाह पर परिजनों ने बच्ची को उक्त क्लिनिक में भर्ती करा दिया।

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इलाज में लापरवाही का आरोप

परिजनों का आरोप है कि क्लिनिक में नवजात के इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। बिहू कुमार ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि डॉ. मो. रज्जाक स्वयं क्लिनिक में मौजूद नहीं रहते हैं और उनकी अनुपस्थिति में कुछ नौसिखिए एवं अनाधिकृत युवक बच्चों का इलाज करते हैं।

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क्लिनिक के संचालन पर भी उठे सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार, डॉ. मो. रज्जाक कई वर्षों पहले इस क्लिनिक को छोड़ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके नाम पर क्लिनिक का संचालन किया जा रहा था। बच्ची की मौत के बाद जब परिजनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया तो स्थिति बिगड़ती देख क्लिनिक के कर्मचारी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने फर्जी तरीके से क्लिनिक संचालित करने वालों और इलाज में कथित लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने क्या कहा?

के. हाट थानाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह ने बताया कि मामले में परिजनों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ था। हालांकि, पुलिस जांच शुरू होने से पहले ही क्लिनिक के स्टाफ और परिजनों के बीच आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया गया। इसके बावजूद पुलिस पूरे मामले की जानकारी अपने स्तर पर संज्ञान में लेकर आवश्यक प्रक्रिया का पालन कर रही है।

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