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Bihar: कजाकिस्तान से MBBS की डिग्री, फर्जी एनओसी के सहारे इंटर्नशिप की कोशिश; जानिए कैसे खुल गई छात्र की पोल?
Sat, 11 Jul 2026 02:08 PM IST
पूर्णिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2026 02:08 PM IST
सार
पूर्णिया के जीएमसीएच में विदेश से एमबीबीएस कर इंटर्नशिप के लिए पहुंचे एक छात्र के दस्तावेजों की जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एनएमसी के एनओसी का क्यूआर कोड स्कैन करने पर वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर पाया गया।
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पुलिस हिरासत में आरोपी छात्र
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
पूर्णिया के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच में विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर इंटर्नशिप करने पहुंचे एक छात्र के दस्तावेजों की जांच के दौरान फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोपी छात्र की पहचान रोहतास निवासी अदनान के रूप में हुई है। उसने कजाकिस्तान से मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने का दावा किया था। दस्तावेजों के सत्यापन में अनियमितता मिलने पर कॉलेज प्रशासन ने उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया।
100 विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स के दस्तावेजों की हो रही थी जांच
जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने जीएमसीएच पूर्णिया को विदेश से एमबीबीएस करने वाले 100 फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMGs) की सूची भेजी थी, जिन्हें अनिवार्य इंटर्नशिप करनी थी। विभाग के निर्देश पर कॉलेज प्रशासन सभी छात्रों के डिग्री प्रमाणपत्र, अंकपत्र और अन्य दस्तावेजों का भौतिक एवं डिजिटल सत्यापन कर रहा था।
क्यूआर कोड स्कैन करते ही खुल गई पोल
जीएमसीएच के प्राचार्य प्रो. डॉ. हरिशंकर मिश्र ने बताया कि आरोपी छात्र द्वारा प्रस्तुत नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) पर अंकित क्यूआर कोड का सत्यापन किया गया। जांच में पता चला कि संबंधित एनओसी किसी अन्य व्यक्ति के नाम से जारी किया गया था। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि वैध एनओसी में कथित रूप से तकनीकी छेड़छाड़ कर उस पर छात्र का नाम दर्ज किया गया और उसे असली दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया गया।
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पुलिस को सौंपे गए दस्तावेज, जांच शुरू
प्राचार्य ने बताया कि अंकपत्र और एनओसी के मिलान में गंभीर विसंगतियां मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्र को पुलिस के हवाले कर दिया गया। फर्जीवाड़े से जुड़े सभी दस्तावेज भी जांच के लिए पुलिस को सौंप दिए गए हैं। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर छात्र से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में किसी संगठित गिरोह या अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं है।
ये भी पढ़ें- संविधान के किस नियम पर डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने जताई आपत्ति? उपराष्ट्रपति के सामने रख दी ये मांग
छात्र ने आरोपों से किया इनकार
पुलिस हिरासत में लिए गए छात्र अदनान ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि उसने कोई जानबूझकर फर्जीवाड़ा नहीं किया। छात्र के मुताबिक, विदेश में पढ़ने वाले छात्रों को एक ऑनलाइन समूह के माध्यम से डिजिटल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए गए थे। एनओसी में नाम और अन्य विवरण में गड़बड़ी दिखने पर उसने विश्वविद्यालय को ईमेल कर सुधार का अनुरोध भी किया था, लेकिन समय पर संशोधित दस्तावेज नहीं मिल सके। छात्र का दावा है कि विश्वविद्यालय से मूल प्रमाणपत्र मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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100 विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स के दस्तावेजों की हो रही थी जांच
जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने जीएमसीएच पूर्णिया को विदेश से एमबीबीएस करने वाले 100 फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMGs) की सूची भेजी थी, जिन्हें अनिवार्य इंटर्नशिप करनी थी। विभाग के निर्देश पर कॉलेज प्रशासन सभी छात्रों के डिग्री प्रमाणपत्र, अंकपत्र और अन्य दस्तावेजों का भौतिक एवं डिजिटल सत्यापन कर रहा था।
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क्यूआर कोड स्कैन करते ही खुल गई पोल
जीएमसीएच के प्राचार्य प्रो. डॉ. हरिशंकर मिश्र ने बताया कि आरोपी छात्र द्वारा प्रस्तुत नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) पर अंकित क्यूआर कोड का सत्यापन किया गया। जांच में पता चला कि संबंधित एनओसी किसी अन्य व्यक्ति के नाम से जारी किया गया था। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि वैध एनओसी में कथित रूप से तकनीकी छेड़छाड़ कर उस पर छात्र का नाम दर्ज किया गया और उसे असली दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया गया।
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पुलिस को सौंपे गए दस्तावेज, जांच शुरू
प्राचार्य ने बताया कि अंकपत्र और एनओसी के मिलान में गंभीर विसंगतियां मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्र को पुलिस के हवाले कर दिया गया। फर्जीवाड़े से जुड़े सभी दस्तावेज भी जांच के लिए पुलिस को सौंप दिए गए हैं। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर छात्र से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में किसी संगठित गिरोह या अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं है।
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छात्र ने आरोपों से किया इनकार
पुलिस हिरासत में लिए गए छात्र अदनान ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि उसने कोई जानबूझकर फर्जीवाड़ा नहीं किया। छात्र के मुताबिक, विदेश में पढ़ने वाले छात्रों को एक ऑनलाइन समूह के माध्यम से डिजिटल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए गए थे। एनओसी में नाम और अन्य विवरण में गड़बड़ी दिखने पर उसने विश्वविद्यालय को ईमेल कर सुधार का अनुरोध भी किया था, लेकिन समय पर संशोधित दस्तावेज नहीं मिल सके। छात्र का दावा है कि विश्वविद्यालय से मूल प्रमाणपत्र मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।