Bihar News: पप्पू यादव की गिरफ्तारी की लेकर पूर्णिया में आक्रोश, समर्थकों ने निकाला मशाल जुलूस; लगाया आरोप
पटना में सांसद पप्पू यादव के खिलाफ 33 साल पुराने मामले में हुई कार्रवाई के विरोध में पूर्णिया में मशाल जुलूस निकाला गया। समर्थकों ने इसे नीट और जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने के कारण की गई राजनीतिक साजिश करार दिया है।
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पटना में सांसद पप्पू यादव के खिलाफ 33 साल पुराने एक मामले को लेकर हुई पुलिसिया कार्रवाई की गूंज अब उनके संसदीय क्षेत्र पूर्णिया की सड़कों पर जोरदार तरीके से सुनाई दे रही है। शनिवार शाम, सांसद के समर्थकों ने इस पूरी प्रक्रिया को लोकतंत्र की हत्या और राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए शहर में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। विरोध प्रदर्शन की शुरुआत सांसद कार्यालय अर्जुन भवन से हुई, जहाँ सैकड़ों की संख्या में समर्थक हाथों में जलती हुई मशालें लेकर सड़कों पर उतरे। गगनभेदी नारों के साथ यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ आरएन साह चौक पर संपन्न हुआ। प्रदर्शनकारियों ने बिहार पुलिस और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना रोष व्यक्त किया।
जुलूस के दौरान समर्थक करण यादव और अभिषेक आनंद ने पुलिसिया कार्रवाई की टाइमिंग और मंशा पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि पप्पू यादव को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे लगातार बिहार की शिक्षा, बेरोजगारी और गरीबों के हक की मुखर आवाज बन रहे हैं। हाल ही में उन्होंने संसद में नीट अभ्यर्थियों की मौत और परीक्षा में हुई धांधली के मुद्दे को प्रखरता से उठाया था। सरकार इस आवाज से घबराकर उन्हें 33 साल पुराने मुकदमों में फंसाकर चुप करना चाहती है।
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महिला समर्थक सुशीला भारती ने गिरफ्तारी के तरीके को लेकर पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जब अभी संसद का सत्र चल रहा है, तब एक मौजूदा लोकसभा सदस्य के आवास पर आधी रात को सिविल ड्रेस में पुलिस का पहुंचना संदेहास्पद है। यह न केवल कानूनी रूप से गलत है, बल्कि संवैधानिक मर्यादाओं का भी खुला उल्लंघन है। समर्थकों का मानना है कि असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सांसद को जानबूझकर अपराधियों जैसा प्रताड़ित किया जा रहा है।