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Bihar: पूर्णिया GMCH में बवाल, पहले से मृत महिला को जिंदा न कर पाने पर डॉक्टरों को पीटा, अस्पताल में तोड़फोड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: Ashutosh Pratap Singh
Updated Mon, 20 Apr 2026 10:21 PM IST
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सार
पूर्णिया के जीएमसीएच अस्पताल में एक कैंसर पीड़ित महिला की मौत के बाद उसके परिजनों ने जमकर बवाल काटा। डॉक्टरों द्वारा महिला को मृत घोषित किए जाने पर गुस्साए परिजनों ने एक महिला डॉक्टर समेत चार चिकित्सकों के साथ मारपीट की और अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तोड़फोड़ की।
मौके पर मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सेवा और समर्पण का केंद्र माना जाने वाला पूर्णिया जीएमसीएच (GMCH) सोमवार को रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जान बचाने वाले डॉक्टरों पर एक उन्मादी भीड़ ने अचानक हमला बोल दिया। इस हिंसक झड़प में एक महिला डॉक्टर समेत चार चिकित्सक और कई स्वास्थ्य कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद से पूरे अस्पताल परिसर में तनाव व्याप्त है और भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
मौत पहले हुई, गुस्सा डॉक्टरों पर निकाला
पूरा विवाद अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से शुरू हुआ। जानकारी के मुताबिक, सहायक खजांची थाना क्षेत्र के सुभाष नगर निवासी गुलाब सिंह अपनी 60 वर्षीय पत्नी रीना देवी को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। रीना देवी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो चुका था। डॉक्टरों की टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत जांच की और पुष्टि के लिए ईसीजी (ECG) भी किया। जैसे ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया, परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
महिला डॉक्टर और इंटर्न को लाठी-डंडों से पीटा
आक्रोशित परिजनों ने ऑन-ड्यूटी महिला डॉक्टर मनीषा कुमारी के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उन पर हाथ भी उठाया। जब उन्हें बचाने के लिए इंटर्न डॉक्टर आदर्श कुमार, डॉ. जिनेन्द्र और डॉ. अभिजीत आनंद आगे आए, तो हमलावरों ने उन पर भी रहम नहीं किया। हमलावर अपनी गाड़ियों से लाठी-डंडे निकाल लाए और डॉक्टरों को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान इमरजेंसी वार्ड के शीशे और गेट भी तोड़ दिए गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
निजी क्लीनिकों के दलालों की साजिश?
इस हमले को लेकर अस्पताल के डॉक्टरों में गहरा रोष है। डॉ. विकास कुमार ने इस घटना के पीछे एक गहरी साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि जीएमसीएच में आजकल बड़े और जटिल ऑपरेशन सफल हो रहे हैं, जिससे निजी क्लीनिकों के दलाल बौखलाए हुए हैं। सरकारी अस्पताल की छवि खराब करने और डॉक्टरों का मनोबल गिराने के लिए सुनियोजित तरीके से इस हमले को अंजाम दिया गया है।
अधीक्षक बोले- सुरक्षा से समझौता नहीं होगा
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने साफ किया कि मरीज की मौत घर पर ही हो चुकी थी। डॉक्टरों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पूरी जांच की, लेकिन परिजन शायद किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकारी काम में बाधा डालने और डॉक्टरों पर जानलेवा हमला करने के आरोप में पुलिस को लिखित आवेदन दे दिया गया है। डॉक्टरों की सुरक्षा सर्वोपरि है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ अस्पताल
वारदात की सूचना मिलते ही के. हाट थानाध्यक्ष उदय कुमार और फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल पुलिस फरार हमलावरों की तलाश में छापेमारी कर रही है और अस्पताल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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पूरा विवाद अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से शुरू हुआ। जानकारी के मुताबिक, सहायक खजांची थाना क्षेत्र के सुभाष नगर निवासी गुलाब सिंह अपनी 60 वर्षीय पत्नी रीना देवी को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। रीना देवी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो चुका था। डॉक्टरों की टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत जांच की और पुष्टि के लिए ईसीजी (ECG) भी किया। जैसे ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया, परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
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महिला डॉक्टर और इंटर्न को लाठी-डंडों से पीटा
आक्रोशित परिजनों ने ऑन-ड्यूटी महिला डॉक्टर मनीषा कुमारी के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उन पर हाथ भी उठाया। जब उन्हें बचाने के लिए इंटर्न डॉक्टर आदर्श कुमार, डॉ. जिनेन्द्र और डॉ. अभिजीत आनंद आगे आए, तो हमलावरों ने उन पर भी रहम नहीं किया। हमलावर अपनी गाड़ियों से लाठी-डंडे निकाल लाए और डॉक्टरों को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान इमरजेंसी वार्ड के शीशे और गेट भी तोड़ दिए गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
निजी क्लीनिकों के दलालों की साजिश?
इस हमले को लेकर अस्पताल के डॉक्टरों में गहरा रोष है। डॉ. विकास कुमार ने इस घटना के पीछे एक गहरी साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि जीएमसीएच में आजकल बड़े और जटिल ऑपरेशन सफल हो रहे हैं, जिससे निजी क्लीनिकों के दलाल बौखलाए हुए हैं। सरकारी अस्पताल की छवि खराब करने और डॉक्टरों का मनोबल गिराने के लिए सुनियोजित तरीके से इस हमले को अंजाम दिया गया है।
अधीक्षक बोले- सुरक्षा से समझौता नहीं होगा
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने साफ किया कि मरीज की मौत घर पर ही हो चुकी थी। डॉक्टरों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पूरी जांच की, लेकिन परिजन शायद किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकारी काम में बाधा डालने और डॉक्टरों पर जानलेवा हमला करने के आरोप में पुलिस को लिखित आवेदन दे दिया गया है। डॉक्टरों की सुरक्षा सर्वोपरि है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ अस्पताल
वारदात की सूचना मिलते ही के. हाट थानाध्यक्ष उदय कुमार और फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल पुलिस फरार हमलावरों की तलाश में छापेमारी कर रही है और अस्पताल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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