Bihar: सांप के डसने से महिला की मौत, अस्पताल गेट पर शव रखकर हंगामा; परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
सीवान के गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र में सर्पदंश से अंजली देवी की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य गेट पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र में सर्पदंश से एक महिला की मौत के बाद सोमवार को परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद महिला के शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गोरेयाकोठी के मुख्य गेट पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया गया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, इलाज में लापरवाही के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सर्पदंश के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती
मिर्जापुर गांव निवासी स्वर्गीय अखिलेश्वर सिंह की पत्नी अंजली देवी को सांप ने काट लिया था। परिजनों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोरेयाकोठी लाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और बाद में उनकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद अस्पताल गेट पर शव रखकर प्रदर्शन
महिला की मौत के बाद परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए सीवान ले गए। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोरेयाकोठी लाया गया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव को अस्पताल के मुख्य गेट के पास रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
परिजनों का आरोप है कि सर्पदंश के बाद अंजली देवी को समय पर अस्पताल लाया गया था, लेकिन अस्पताल में अपेक्षित गंभीरता के साथ उनका इलाज नहीं किया गया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर उचित उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जातीं, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, इलाज में लापरवाही के इस आरोप की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चिकित्सक पर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई गई। परिजनों का कहना है कि जब तक जांच और कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे शव को अस्पताल के गेट से नहीं हटाएंगे।
अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन ने समझाने का किया प्रयास
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन देने की कोशिश की। अंजली देवी की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। मृतका के दो बेटे और एक बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि वे अंजली देवी को बचाने की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन उनकी मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।