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Hindi News ›   Bihar ›   Nalanda news A boon for Bihar's athletes: State-of-the-art sports science center to be built in Rajgir.

Bihar: बिहार के इस जिले में बनेगा अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

Mon, 17 Aug 2026 07:39 AM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगीर Published by: पटना ब्यूरो Updated Mon, 17 Aug 2026 07:39 AM IST
सार

राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी में खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस सेंटर विकसित किया जाएगा। राज्य कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अगले सप्ताह टेंडर जारी होने की तैयारी है।

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Nalanda news A boon for Bihar's athletes: State-of-the-art sports science center to be built in Rajgir.
(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में खेल प्रतिभाओं को निखारने और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ अत्याधुनिक चिकित्सा एवं वैज्ञानिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी में अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस सेंटर (उच्च प्रदर्शन खेल प्रशिक्षण एवं इंजरी सेंटर) बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। राज्य कैबिनेट से परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अगले सप्ताह इसके लिए टेंडर जारी किए जाने की तैयारी है। सेंटर को ओडिशा मॉडल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए तकनीक, प्रशिक्षण प्रणाली और सुविधाओं का अध्ययन करने बिहार के विशेषज्ञों की एक टीम ओडिशा रवाना हो चुकी है।

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एक ही छत के नीचे मिलेंगी खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं

स्पोर्ट्स साइंस सेंटर के बनने के बाद बिहार के खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स मेडिसिन, परफॉर्मेंस एनालिसिस, फिजियोथेरेपी, रिहैबिलिटेशन, न्यूट्रिशन और स्पोर्ट्स साइकोलॉजी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी। इससे खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीक, प्रदर्शन और चोट से उबरने की प्रक्रिया को वैज्ञानिक तरीके से मजबूत किया जा सकेगा।

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बायोमैकेनिक्स और प्रदर्शन का होगा वैज्ञानिक विश्लेषण

सेंटर में विशेष बायोमैकेनिक्स और परफॉर्मेंस एनालिसिस लैब स्थापित की जाएगी। इसमें मोशन कैप्चर और थ्री-डी कैमरा सिस्टम की मदद से खिलाड़ियों की रनिंग तकनीक, थ्रोइंग एक्शन और जंपिंग पॉश्चर का बारीकी से वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा।

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इसके अलावा, फोर्स प्लेट्स तकनीक के जरिए दौड़ने और कूदने के दौरान खिलाड़ियों के पैरों पर पड़ने वाले दबाव और ग्राउंड रिएक्शन फोर्स का आकलन किया जाएगा। इससे खिलाड़ियों की तकनीकी कमियों की पहचान कर उनके प्रदर्शन में सुधार किया जा सकेगा।

ऑक्सीजन क्षमता और थकान के स्तर की होगी जांच

स्पोर्ट्स फिजियोलॉजी एवं टेस्टिंग यूनिट में एडवांस ट्रेडमिल और मास्क एनालिसिस की मदद से खिलाड़ियों के हृदय और फेफड़ों की ऑक्सीजन ग्रहण करने की क्षमता की जांच की जाएगी। वहीं, लैक्टेट थ्रेशोल्ड टेस्ट के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि खिलाड़ी किस स्तर पर थकान महसूस करता है और शरीर में लैक्टिक एसिड बनने की सीमा क्या है। इन जांचों की रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक खिलाड़ी के लिए उसकी क्षमता और जरूरत के अनुसार कस्टमाइज्ड वैज्ञानिक प्रशिक्षण योजना तैयार की जाएगी।

चोटिल खिलाड़ियों की मैदान पर जल्द होगी वापसी

खेल के दौरान चोटिल होने वाले खिलाड़ियों को जल्द फिट करने के लिए सेंटर में आधुनिक फिजियोथेरेपी और रिहैबिलिटेशन की विशेष व्यवस्था होगी। यहां हाइड्रोथेरेपी यूनिट, हॉट टब, लेजर थेरेपी, अल्ट्रासाउंड थेरेपी, ड्राई नीडलिंग और क्रायोथेरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा, ट्रेडमिल की मदद से चोटिल खिलाड़ी शरीर पर कम भार डालते हुए धीरे-धीरे चलने और दौड़ने का अभ्यास कर सकेंगे। इससे उनकी रिकवरी प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलेगी और वे जल्द मैदान पर वापसी कर सकेंगे।

डाइट के साथ मानसिक मजबूती पर भी रहेगा जोर

सेंटर में खिलाड़ियों के शारीरिक प्रदर्शन के साथ उनके खान-पान और मानसिक मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्पोर्ट्स न्यूट्रिशनिस्ट खिलाड़ियों की शारीरिक जरूरत और संबंधित खेल के अनुसार उनका डाइट प्लान तैयार करेंगे।
वहीं, प्रतियोगिता के दबाव से निपटने, आत्मविश्वास बढ़ाने और मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट की मदद ली जाएगी। इस तरह खिलाड़ियों की तैयारी को शारीरिक और मानसिक, दोनों स्तरों पर मजबूत करने की योजना है।

ओडिशा मॉडल का अध्ययन करने पहुंची विशेषज्ञों की टीम

स्पोर्ट्स साइंस सेंटर को बेहतर तरीके से विकसित करने के लिए बिहार के विशेषज्ञों की एक टीम ओडिशा भेजी गई है। टीम वहां स्पोर्ट्स साइंस, प्रशिक्षण प्रणाली, तकनीक और खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का अध्ययन करेगी। इसी अनुभव के आधार पर राजगीर में बनने वाले सेंटर की रूपरेखा को और बेहतर बनाया जाएगा।

गांव-कस्बों की प्रतिभाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय मंच

राजगीर खेल अकादमी के प्राचार्य मिथिलेश सिंह ने बताया कि गांव और कस्बों में छिपी खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और उन्हें आगे बढ़ने का उचित अवसर देना स्पोर्ट्स साइंस सेंटर का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सेंटर के निर्माण और उसे अधिक उपयोगी बनाने से जुड़ी तकनीकी जानकारी हासिल करने के लिए विशेषज्ञों की टीम को ओडिशा भेजा गया है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि राजगीर में बनने वाला यह सेंटर देश के अन्य केंद्रों से बेहतर हो और खिलाड़ियों के लिए अधिक उपयोगी साबित हो। इससे बिहार के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, प्रदर्शन सुधार और चोट से उबरने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक सुविधाएं राज्य में ही उपलब्ध हो सकेंगी।

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