Bihar News: एयरफोर्स के जवान आदित्य शरण को दी गई अंतिम विदाई, एक झलक पाने के लिए गांव में उमड़ा जनसैलाब
महाराष्ट्र के ठाणे में तैनात भारतीय वायुसेना के सार्जेंट आदित्य शरण के निधन के बाद जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। दिघवारा प्रखंड के अंबिका भवानी घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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महाराष्ट्र के ठाणे में तैनात भारतीय वायुसेना के सार्जेंट आदित्य शरण उर्फ छोटू के पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में कोहराम मच गया। ब्रेन ट्यूमर की शिकायत के बाद मुंबई के अश्विनी अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। जैसे ही तिरंगे में लिपटा उनका शव सारण जिले के दिघवारा प्रखंड अंतर्गत मिर्जापुर पंचायत के मनोहर बसंत गांव पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया और हर आंख नम हो उठी। 12 दिसंबर को इनको अंतिम विदाई दी गई।
अंतिम दर्शन के लिए जुटी ग्रामीणों की भीड़
गांव के होनहार लाल की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मां-बाप, पत्नी और दोनों मासूम बेटियों को देख हर कोई भावुक हो गया। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा।
परिजनों के अनुसार, आदित्य भारतीय वायुसेना के टेक्निकल कोर में कार्यरत थे और अपनी कर्तव्यनिष्ठा व ईमानदारी के लिए जाने जाते थे। वे अपने पिता तारकनाथ सिंह के इकलौते सहारे थे। जवान बेटे के निधन से वृद्ध पिता पूरी तरह टूट गए हैं। आदित्य अपने पीछे पत्नी, 12 वर्षीय बेटी सौंधी और 5 वर्षीय बेटी परी को छोड़ गए हैं। परिवार का मजबूत आधार स्तंभ अचानक चले जाने से घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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सैन्य सम्मान के साथ सलामी दी गई
दिघवारा प्रखंड स्थित अंबिका भवानी घाट तक निकाली गई अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। जवान को अंतिम विदाई देने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की लंबी कतारें लग गईं। श्मशान घाट पर वायुसेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ सलामी दी। राष्ट्रध्वज में लिपटी पार्थिव देह को गगनभेदी सलामी के बीच पंचतत्व में विलीन कर दिया गया।
अंतिम संस्कार में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। आदित्य शरण के निधन से पूरा क्षेत्र शोकाकुल है।