Bihar: मनरेगा खत्म करने के प्रयास और बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ खेग्रामस का प्रदर्शन, लगे नारे
Bihar: सीवान में खेग्रामस ने मनरेगा कानून खत्म करने के कथित प्रयासों और दलित-गरीबों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। मार्च निकालकर सभा की गई और मजदूर विरोधी नीतियों पर रोक लगाने की मांग की गई।
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मजदूर ग्रामीण मजदूर संघ (खेग्रामस) ने सोमवार को मनरेगा कानून को समाप्त करने के कथित प्रयासों और दलित-गरीबों के आवासों पर बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ललित बस स्टैंड से मार्च निकालकर बबुनिया मोड़ होते हुए जेपी चौक तक मार्च किया, जहां यह सभा में तब्दील हो गया।
सभा को संबोधित करते हुए खेग्रामस के जिला सचिव शिवनाथ राम ने कहा कि वर्ष 2006 में लंबे संघर्ष के बाद केंद्र सरकार ने ग्रामीण मजदूरों को सालाना 100 दिन का रोजगार गारंटी देने वाला मनरेगा कानून बनाया था। यह कानून लाखों-करोड़ों खेतिहर मजदूरों के लिए जीविका का प्रमुख साधन है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस कानून को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। एक ओर मजदूरों की जगह बड़े पैमाने पर मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कानूनी रोजगार गारंटी को समाप्त किया जा रहा है।
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शिवनाथ राम ने कहा कि इसी तरह कारखानों में काम करने वाले मजदूरों के 8 घंटे के कार्यदिवस को बढ़ाकर 12 घंटे करने और ट्रेड यूनियनों के अधिकार छीनने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में नई सरकार बनते ही दलितों और गरीबों की झोपड़ियों पर बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए बुलडोजर चलाया जा रहा है। यह सरकार दलित, गरीब और मजदूर विरोधी नीतियां अपनाकर उनके लिए आफत बन गई है। प्रदर्शनकारियों ने गरीब-दलित-मजदूर विरोधी कानूनों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। सभा में गुड्डू मिश्रा, जयचंद राम, हंसनाथ राम सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।