Bihar News: छपरा सदर अस्पताल में नवजात की मौत, परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया
Bihar: छपरा सदर अस्पताल में तीन दिन के नवजात नीतीश कुमार की मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सकों और नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया। जन्म के बाद बच्चे को स्वस्थ बताकर छुट्टी दे दी गई थी। गंभीर हालत में भी डॉक्टर नहीं मिले, केवल नर्स मौजूद थी।
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बिहार के स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली अक्सर चर्चा में रहती है। इसी कड़ी में छपरा सदर अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में आया है। यहाँ तीन दिन के नवजात शिशु की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया।
मृत नवजात शिशु का नाम नीतीश कुमार था, और वह दहियावां स्थित महमूद चौक के पास शिया मस्जिद निवासी श्रवण कुमार का पुत्र था। परिजनों का आरोप है कि बच्चे को जन्म के बाद चिकित्सकों ने स्वस्थ बताया और बिना पूरी जांच के छुट्टी दे दी। रविवार रात को बच्चे की सांस लेने में दिक्कत होने लगी। परिजन तुरंत अस्पताल पहुँचे, लेकिन अस्पताल के SNCU में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था।
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ड्यूटी पर तैनात नर्स ने केवल लगभग 10 मिनट बच्चे की जाँच की और सामान्य बताकर घर भेजने की सलाह दी। परिजनों का कहना है कि नवजात की हालत गंभीर थी और उन्होंने चिकित्सक बुलाने की कई बार गुहार लगाई, लेकिन नर्स ने अनदेखी की। घर लौटने के आधे घंटे के भीतर ही नवजात शिशु की मौत हो गई।
परिजन अब नर्स प्रिया कुमारी और अनुपस्थित रहे डॉ. शैलेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और इस संबंध में भगवान बाजार थाना में आवेदन दिया है। सदर अस्पताल के प्रबंधक राजेश्वर कुमार ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने छपरा सदर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है।