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Bihar News: सोनपुर मेले में पहली बार होगा सैंड आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन, ऐसे करे आयोजन; जानें सबकुछ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Sat, 27 Sep 2025 03:30 PM IST
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सार
Bihar: सोनपुर मेला एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता है, लेकिन अब यह सिर्फ पशु व्यापार का केंद्र नहीं रहा। बल्कि समय के साथ- साथ यहां सांस्कृतिक, सामाजिक और कलात्मक गतिविधियां भी बढ़ी हैं, जिससे यह मेला अब बहुआयामी रूप ले चुका है।
सोनपुर मेला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एशिया प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला 2025 इस बार नई रोशनी और रचनात्मकता के साथ सजीव होने वाला है। क्योंकि इस ऐतिहासिक मेले में पहली बार सैंड आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह अनूठा आयोजन न केवल रेत कला के कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा, बल्कि मेले में आने वाले लाखों दर्शकों को भी रचनात्मकता का नया अनुभव मिलने की संभावना है।
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इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बिहार और पूरे देश के उभरते एवं पेशेवर सैंड आर्टिस्टों को एक साझा मंच प्रदान करना है, जहां अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए लोगों को संदेश देने वाली कलाकृतियां प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। इस आयोजन से मेले की पुरानी सांस्कृतिक छवि पहले से बेहतर और सशक्त हो सकती है। साथ ही बदलते युग के युवाओं में कला के प्रति रुचि को भी प्रोत्साहित करेगा।
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जिला प्रशासन की ओर जारी बयान के अनुसार जिलेवासियों से अपील की गई है कि जो भी सैंड आर्टिस्ट इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, वह सभी इस अवसर का लाभ उठाएं और अपनी रचनात्मकता को एक अंतराष्ट्रीय स्तर के मंच पर लाकर प्रदर्शित करें। क्योंकि इस आयोजन के माध्यम से न केवल प्रतिभाओं को पहचान मिलेगी, बल्कि सोनपुर मेले की लोकप्रियता को भी एक नया आयाम मिलेगा।
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ऐतिहासिक रूप से विश्व विख्यात इस प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक कलाकारों को 15 अक्टूबर, 2025 तक अपना आवेदन जिला मुख्यालय स्थित भिखारी ठाकुर प्रेक्षा गृह परिसर में जिला कला संस्कृति पदाधिकारी सारण छपरा के कार्यालय में स्वयं जाकर जमा करना होगा या ईमेल के माध्यम से भी आवेदन भेजा जा सकता है। आवेदन भेजने के लिए ईमेल आईडी daco-saran@bihar.gov.in निर्धारित की गई है।
मालूम हो कि सोनपुर मेला एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता है, लेकिन अब यह सिर्फ पशु व्यापार का केंद्र नहीं रहा। बल्कि समय के साथ- साथ यहां सांस्कृतिक, सामाजिक और कलात्मक गतिविधियां भी बढ़ी हैं, जिससे यह मेला अब बहुआयामी रूप ले चुका है। इसी कड़ी में सैंड आर्ट फेस्टिवल इस दिशा में एक और सकारात्मक कदम है, जो बिहार की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिकता के मेल को दर्शाने के लिए कला प्रेमियों और आम जनता को इस आयोजन में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है ताकि वह सभी देश भर से आए सैंड आर्टिस्टों की रचनाओं का आनंद उठा सकें और इस अनोखे अनुभव का हिस्सा बन सकें।
सैंड आर्ट प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार की भी घोषणा की गई है। जिसमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कलाकार को ₹50, 000 रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। जबकि द्वितीय स्थान पाने वाले को ₹35, 000 वहीं तृतीय स्थान पर रहने वाले कलाकार को ₹25, 000 रुपये की राशि दी जाएगी। इन पुरस्कारों के माध्यम से जिला प्रशासन और कला संस्कृति विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्थानीय एवं राष्ट्रीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।