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Bihar News: छपरा जेल में विचाराधीन कैदी की मौत, परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा Published by: शबाहत हुसैन Updated Fri, 26 Sep 2025 07:10 PM IST
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सार

Bihar News: मृतक के पुत्र नीतीश कुमार ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन ने परिजनों को तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी थी, लेकिन जब तक परिजन अस्पताल पहुंचे, तब तक पिता की मौत हो चुकी थी।

Bihar News: Undertrial prisoner dies in Chapra jail, family accuses jail administration of negligence
मंडल कारा छपरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मंडल कारा छपरा में लगभग ढाई वर्षों से सजा काट रहे एक विचाराधीन कैदी की इलाज के दौरान मौत हो गई। जेल प्रशासन के अनुसार शुक्रवार दोपहर के बाद कैदी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे पास के सदर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है।

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मृतक की पहचान सारण जिले के सोनपुर थाना क्षेत्र के परमानंदपुर मुरथन गांव निवासी 60 वर्षीय अशोक राय के रूप में हुई है। वह हत्या के मामले में विचाराधीन कैदी के रूप में मंडल कारा छपरा में बंद था। फिलहाल उनका स्पीडी ट्रायल छपरा के व्यवहार न्यायालय में चल रहा था।

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कैदी की मौत के बाद अस्पताल, जेल और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में परिजनों को सूचना दी गई और न्यायिक प्रक्रिया के तहत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।


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मृतक के पुत्र नीतीश कुमार ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन ने परिजनों को तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी थी, लेकिन जब तक परिजन अस्पताल पहुंचे, तब तक पिता की मौत हो चुकी थी। नीतिश कुमार का आरोप है कि जेल प्रशासन की लापरवाही भी इस मौत का एक कारण हो सकती है।

जिला प्रशासन और अस्पताल प्रशासन ने घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए मेडिकल बोर्ड का गठन कर पोस्टमार्टम कराया। स्वास्थ्य विभाग और जेल प्रशासन के अधिकारियों ने मिलकर सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंपा।

इस घटना के बाद जेल में स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन इलाज की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन का कहना है कि मौत को प्राकृतिक कारणों से हुई माना जा रहा है और सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं।

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