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Bihar News: यहां विकास की पोल खुली, स्टेशन रोड की पीसीसी सड़क दो दिन में दरकी; गुणवत्ता पर गंभीर सवाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा Published by: सारण ब्यूरो Updated Tue, 03 Feb 2026 07:27 PM IST
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सार

मढ़ौरा नगर के स्टेशन रोड पर करोड़ों की लागत से बन रही पीसीसी सड़क ढलाई के दो दिन के भीतर ही दरक गई। निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने के साथ ही स्थानीय लोगों ने जांच और कार्रवाई की मांग की है।

Cracks appeared in the road shortly after its construction in MP Rajiv Pratap Rudy's constituency.
निर्माणाधीन पीसीसी सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

छपरा में अतिप्राचीन औद्योगिक नगरी मढ़ौरा के मुख्य बाजार स्थित स्टेशन रोड पर निर्माणाधीन पीसीसी सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस सड़क में ढलाई के महज दो दिन के भीतर दरारें पड़ गईं, जिससे सरकारी विकास दावों की जमीनी हकीकत सामने आ गई है।

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स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क निर्माण में भारी अनियमितता और लापरवाही बरती गई है। दरार की जानकारी मिलते ही संवेदक द्वारा आनन-फानन में बालू और सीमेंट डालकर उसे छिपाने का प्रयास किया गया, जिससे गड़बड़ी सुधारने के बजाय दबाने की मानसिकता उजागर होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दरार केवल ऊपरी सतह तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क की पूरी संरचना में दिखाई दे रही है, जो मानकों की अनदेखी का संकेत देती है।

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सड़क बनने से पहले ही टूटने लगी
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि वर्क ऑर्डर के अनुसार सड़क निर्माण में छह इंच जीएसबी, चार इंच बेस पीसीसी और उसके बाद आठ इंच फाइनल पीसीसी ढलाई अनिवार्य है। लेकिन निर्माण स्थल की स्थिति देखकर प्रतीत होता है कि मानकों का पालन केवल कागजों तक ही सीमित रहा। इसका परिणाम यह हुआ कि सड़क बनने से पहले ही टूटने लगी।


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लोगों ने सवाल उठाया है कि जब कार्यस्थल पर अभियंता, जेई और सहायक अभियंता की निगरानी होती है, तो इतनी घटिया गुणवत्ता को कैसे स्वीकृति दी गई। हैरानी की बात यह भी है कि इतने बड़े प्रोजेक्ट के बावजूद न तो निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड लगाया गया है और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी या संवेदक का संपर्क नंबर सार्वजनिक किया गया है, जिससे पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज
उधर, शहरी क्षेत्र में 2 फरवरी से शुरू हो रही इंटरमीडिएट परीक्षा जैसे संवेदनशील समय में मुख्य सड़क के अवरुद्ध रहने से छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीते दो माह से कछुआ गति से चल रहे निर्माण कार्य, बंद किए गए संपर्क मार्ग, प्रभावित व्यापार और बढ़ती जनता की असुविधा प्रशासनिक उदासीनता को दर्शा रही है। स्थानीय लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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