Bihar: छपरा के गौतम स्थान और सेमरिया को ‘राम सर्किट’ में शामिल करने की मांग तेज, विधायक छोटी कुमारी की पहल
छपरा की विधायक छोटी कुमारी ने गौतम स्थान और सेमरिया स्थित श्रृंगी ऋषि आश्रम को ‘राम सर्किट’ में शामिल करने की मांग की। इससे धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा, स्थानीय रोजगार सृजित होंगे और छपरा की पौराणिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
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बिहार के छपरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक छोटी कुमारी ने क्षेत्र के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पौराणिक महत्व वाले स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से छपरा स्थित गौतम स्थान तथा सेमरिया में अवस्थित श्रृंगी ऋषि आश्रम को ‘राम सर्किट’ योजना में शामिल करने की मांग की है।
विधायक का कहना है कि इन स्थलों का संबंध सीधे रामायण काल से जुड़ा हुआ है, इसलिए इन्हें धार्मिक पर्यटन की प्रमुख कड़ी के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि इन स्थानों पर आधारभूत संरचना का विकास किया जाए, जिसमें बेहतर सड़क संपर्क, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, विश्राम गृह और सूचना केंद्र जैसी सुविधाओं का विस्तार शामिल हो। साथ ही ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व को दर्शाने के लिए शिलालेख और डिजिटल डिस्प्ले की व्यवस्था भी की जाए।
इस मांग का समर्थन करते हुए स्थानीय इतिहासकार उदय नारायण सिंह ने कहा कि छपरा की ऐतिहासिक धरोहर को उचित पहचान मिलनी चाहिए। उनके अनुसार ‘राम सर्किट’ में शामिल होने से यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है और सारण जिले की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी।
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गौतम स्थान को आस्था और इतिहास का अद्भुत संगम माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह वही पावन भूमि है, जहां माता अहिल्या का उद्धार प्रभु श्रीराम के चरण स्पर्श से हुआ था। रामायण की यह घटना भारतीय संस्कृति में न्याय, करुणा और नारी सम्मान का प्रतीक मानी जाती है। जनश्रुति के अनुसार यह स्थान भगवान हनुमान जी का ननिहाल भी माना जाता है, जिससे इसकी धार्मिक महत्ता और बढ़ जाती है। हालांकि वर्षभर श्रद्धालुओं का आगमन होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं के अभाव में इसकी पूरी संभावनाएं विकसित नहीं हो सकी हैं।
सरयू नदी के तट पर स्थित छपरा की यह भूमि केवल भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि रामायण कालीन इतिहास का केंद्र भी रही है। गौतम ऋषि का स्थान और सेमरिया स्थित श्रृंगी ऋषि आश्रम आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखते हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार राजा दशरथ द्वारा संपन्न पुत्रकामेष्टि यज्ञ के प्रधान पुरोहित श्रृंगी ऋषि थे। उनके आशीर्वाद से ही प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म हुआ था। इस दृष्टि से यह स्थल भारतीय धार्मिक इतिहास की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है।
यदि इन स्थलों को ‘राम सर्किट’ से जोड़ा जाता है, तो न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। विधायक छोटी कुमारी द्वारा विधानसभा सत्र में उठाई गई इस मांग से क्षेत्र के विकास की नई संभावनाएं जुड़ी हैं।