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Bihar News: सासामुसा चीनी मिल के फिर से संचालन की संभावना, तिरहुत उद्योग और टू सिग्मा ने किया निरीक्षण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
Published by: सारण ब्यूरो
Updated Tue, 10 Mar 2026 09:20 PM IST
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सार
कुचायकोट प्रखंड के सासामुसा स्थित लंबे समय से बंद पड़ी चीनी मिल को फिर से चालू करने की प्रक्रिया में तेजी आई है। मंगलवार को तिरहुत उद्योग और महाराष्ट्र की निजी कंपनी ‘टू सिग्मा’ के प्रतिनिधियों ने मिल परिसर का निरीक्षण किया।
जांच करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कुचायकोट प्रखंड के सासामुसा स्थित लंबे समय से बंद पड़ी चीनी मिल को फिर से चालू करने की प्रक्रिया अब तेजी से चल रही है। मंगलवार को तिरहुत उद्योग के अध्यक्ष और महाराष्ट्र की निजी कंपनी ‘टू सिग्मा’ के प्रतिनिधियों ने मिल परिसर का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान गन्ना उद्योग विभाग के आयुक्त और कई स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
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सरकार और निवेशक कंपनी के बीच सकारात्मक संकेत
निरीक्षण के बाद निवेशक कंपनी के प्रतिनिधियों ने मिल संचालन को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि कंपनी और बिहार सरकार के बीच इस संबंध में बातचीत जारी है और जल्द ही क्षेत्र के लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। जानकारी के अनुसार, सोमवार को पटना में गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. सेंथिल कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निवेशक कंपनी की बैठक हुई थी। बैठक में सासामुसा चीनी मिल के पुनः संचालन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
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मिल परिसर का निरीक्षण
बैठक में सकारात्मक पहल के बाद मंगलवार को तिरहुत उद्योग के अध्यक्ष हरेंद्र बाजपेई, कंपनी के प्रतिनिधि मिलिंद गायकवाड और किरण लोखंडे सासामुसा पहुंचे और मिल परिसर का निरीक्षण किया। उनके साथ गन्ना उद्योग विभाग के आयुक्त जे.पी.एन. सिंह, स्थानीय बीडीओ सुनील कुमार मिश्रा और राजस्व पदाधिकारी मनन मिश्रा भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान निवेशक मंडल ने मिल परिसर में उपलब्ध भूमि की स्थिति और उसके उपयोग की संभावनाओं के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मिल के पुराने उपकरण, भवन और अन्य संरचनाओं का जायजा लिया। साथ ही, मिल परिसर और आसपास उपलब्ध भूमि के औद्योगिक उपयोग और कृषि आधारित उद्योगों की संभावनाओं का भी सर्वेक्षण किया गया।
भविष्य की योजना और चर्चा
निरीक्षण के बाद कंपनी के प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसमें संभावित निवेश, तकनीकी व्यवस्था और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। हरेंद्र बाजपेई ने बताया कि उनकी कंपनी ‘टू सिग्मा’ के साथ मिलकर सासामुसा चीनी मिल के संचालन पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि सोमवार को सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई सकारात्मक वार्ता के बाद मंगलवार को निरीक्षण किया गया है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि मिल का संचालन शुरू होता है तो यहां केवल चीनी उत्पादन ही नहीं बल्कि एथेनॉल और अन्य कृषि आधारित उत्पादों के निर्माण की दिशा में भी काम किया जाएगा। इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
साल 2026–27 से संचालन की संभावना
कंपनी की प्रारंभिक योजना के अनुसार, यदि सभी प्रक्रियाएं सकारात्मक रूप से पूरी होती हैं तो वर्ष 2026–27 के सत्र से मिल के संचालन की संभावना बन सकती है। इससे आसपास के हजारों गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। गन्ना उद्योग विभाग के आयुक्त जे.पी.एन. सिंह ने कहा कि बिहार सरकार राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति इस दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना के साथ-साथ बंद पड़ी मिलों को भी पुनर्जीवित करने की योजना पर काम किया जा रहा है और सासामुसा चीनी मिल का संचालन भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
निरानी ग्रुप ने भी दिखाई थी रुचि
सासामुसा चीनी मिल के पुनः संचालन को लेकर पहले कर्नाटक की चीनी उत्पादक कंपनी निरानी ग्रुप ने रुचि दिखाई थी। 27 फरवरी को कंपनी के प्रतिनिधियों ने गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. सेंथिल कुमार और अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर मिल परिसर का निरीक्षण किया था। उस समय कंपनी के सीएमडी मुरुगन निरानी ने कहा था कि यदि मिल संचालन के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी तो उसके लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
इसके बाद अन्य निवेशकों ने भी इस मिल में रुचि दिखाई और इसी क्रम में तिरहुत उद्योग और सहयोगी कंपनी ने मंगलवार को मिल का निरीक्षण कर संचालन की संभावनाओं का आकलन किया। अब क्षेत्र के किसानों और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि लंबे समय से बंद पड़ी सासामुसा चीनी मिल जल्द ही फिर से चालू हो सकेगी।