Bihar: 'रुक-रुक कर हो रही बारिश से किसानों को होगा नुकसान तो सरकार देगी मुआवजा', सम्राट चौधरी ने किया बड़ा वादा
बनियापुर विधानसभा सीट पर एनडीए प्रत्याशी केदारनाथ सिंह के समर्थन में छपरा के पैगंबरपुर में हुई सभा के दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रुक-रुक कर हो रही बारिश और किसानों के नुकसान को लेकर बड़ा बयान दिया।
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बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में प्रचार तेज हो गया है। सारण जिले के बनियापुर विधानसभा सीट से एनडीए प्रत्याशी और भाजपा विधायक केदारनाथ सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार करते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पैगंबरपुर में एक जनसभा को संबोधित किया।
सम्राट चौधरी ने कहा कि इन दिनों रुक-रुक कर हो रही बारिश समुद्र से उठकर आपके गांव तक पहुंची है, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, “मैं आप सभी किसानों को आश्वस्त करता हूं कि जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उन्हें बिहार सरकार मुआवजा देगी। हमने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि बारिश से प्रभावित जिलों की रिपोर्ट जल्द भेजें, ताकि किसानों को राहत दी जा सके।”
उन्होंने कहा कि भले ही इस समय चुनाव आचार संहिता लागू है, लेकिन गरीब किसानों के लिए आपदा चुनाव से बड़ी होती है। सरकार हर स्थिति में किसानों के साथ खड़ी है। सभा के दौरान सम्राट चौधरी ने पूर्ववर्ती राजद सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “लालू जी के शासन में बिहार की सड़कों की हालत ऐसी थी कि उन्होंने हेमा मालिनी जैसी सड़के नहीं, बल्कि ओम पुरी के गाल जैसी सड़के बना दी थीं। पहले पटना से मुजफ्फरपुर जाने में चार घंटे लगते थे, अब सिर्फ सवा घंटे में सफर पूरा होता है। पटना से गोपालगंज और गया भी अब डेढ़ घंटे में पहुंचा जा सकता है। यह बदला हुआ बिहार है, जो मोदी जी और नीतीश जी की जोड़ी ने बनाया है। विकास की किरण अब गांव-गांव तक पहुंच चुकी है।”
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उन्होंने कहा कि 2005 के पहले की सरकारें सिर्फ वादे करती थीं, जबकि एनडीए की सरकार ने जनता के विकास के लिए अक्टूबर तक निरंतर काम किया है और आगे भी करती रहेगी। बदले मौसम पर तंज कसते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि “यह बनावटी बारिश है, जो अचानक समुद्र से उठी है और इसका कोई वजूद नहीं है।” राजनीतिक हलकों में उनके इस बयान को विपक्ष पर निशाना माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने तुरंत ही रुख बदलते हुए कहा कि बारिश से प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन करने के लिए डीएम को निर्देश दिया गया है और राज्य सरकार हर किसान को मुआवजा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
