दिल्ली में ट्रेन हादसा: रोजी-रोटी की तलाश में गया बिहार का युवक बना हादसे का शिकार, चार बेटियां हुईं बेसहारा
दिल्ली कैंट स्टेशन के पास रेल लाइन पार करते समय मांझी के 43 वर्षीय कमलेश कुमार सिंह की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। वह परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। पीछे पत्नी और चार बेटियां हैं, गांव में मातम पसरा है।
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रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। ताजा मामला दिल्ली से सामने आया है, जहां रोजी-रोटी की तलाश में गए मांझी के एक युवक की ट्रेन से कटकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना दिल्ली कैंट स्टेशन के समीप उस समय हुई, जब वह रेल लाइन पार कर रहा था और अचानक ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय सरकारी अस्पताल भेज दिया। मृतक की पहचान सारण जिले के मांझी नगर पंचायत अंतर्गत दुर्गापुर गांव निवासी स्वर्गीय माधव सिंह के 43 वर्षीय पुत्र कमलेश कुमार सिंह के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार, कमलेश दिल्ली में रहकर कैटरिंग से जुड़े मजदूरों का एक समूह संचालित करते थे और उसी से परिवार का भरण-पोषण करते थे। गुरुवार देर रात वह अपने कमरे से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। काफी खोजबीन के बाद शुक्रवार को परिजनों ने नजदीकी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी बीच आरपीएफ के माध्यम से ट्रेन हादसे में मौत की सूचना मिली।
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रविवार देर शाम जब शव गांव पहुंचा तो परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। सरयू नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां छोटे भाई सेंट्रल सिंह ने मुखाग्नि दी। कमलेश अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। वे अपने पीछे पत्नी और चार पुत्रियां छोड़ गए हैं।
अचानक हुई इस दुर्घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के सामने अब भरण-पोषण और बेटियों के भविष्य की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव या आसपास रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध होते, तो शायद लोगों को परिवार से दूर महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ता। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।