Maha Shivratri 2026: सोनपुर में श्रद्धा का महाकुंभ, हरिहर नाथ मंदिर में पहुंचे भक्त, जगमगाया पावन धाम
बिहार के सोनपुर स्थित बाबा हरिहर नाथ मंदिर में महाशिवरात्रि को लेकर भव्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गंगा और गंडक के संगम के निकट स्थित यह ऐतिहासिक मंदिर शिव और विष्णु की संयुक्त आराधना का प्रतीक माना जाता है।
विस्तार
बिहार के सोनपुर स्थित बाबा हरिहर नाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का महासागर उमड़ने को तैयार है। ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यह मंदिर सारण ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार और देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। वैशाली, पटना और सारण जिले के बीच गंगा और गंडक नदी तट पर स्थित इस मंदिर को पर्व के लिए भव्य रूप से सजाया गया है और तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
इतिहास और धार्मिक मान्यता
हरिहर नाथ मंदिर न्यास समिति के सचिव विजय सिंह ने बताया कि मंदिर की ऐतिहासिकता इसे अन्य शिवालयों से अलग पहचान देती है। मान्यता है कि यह स्थल प्राचीन काल से भगवान शिव और भगवान विष्णु की संयुक्त आराधना का केंद्र रहा है। ‘हरि’ और ‘हर’ के नाम पर स्थापित यह मंदिर धार्मिक समन्वय और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार यहां शिव और विष्णु की संयुक्त पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इसी कारण यह स्थल वैष्णव और शैव दोनों परंपराओं के श्रद्धालुओं के लिए समान रूप से पूजनीय है।
भव्य वास्तुकला और प्राकृतिक सौंदर्य
मंदिर के पुजारी पवन शास्त्री ने बताया कि मंदिर की वास्तुकला भी लोगों को आकर्षित करती है। ऊंचा शिखर, प्राचीन शैली की नक्काशी और विशाल प्रांगण इसकी भव्यता को बढ़ाते हैं। गंगा और गंडक के संगम क्षेत्र के निकट स्थित होने से यह स्थान प्राकृतिक सौंदर्य से भी भरपूर है। खासकर महाशिवरात्रि और कार्तिक पूर्णिमा पर यहां का दृश्य अत्यंत मनोहारी होता है। इतिहास, आस्था और भव्यता का संगम बना यह मंदिर आज भी अपनी प्राचीन गरिमा को संजोए हुए है। महाशिवरात्रि पर यहां श्रद्धा और सेवा का दृश्य भक्तों के लिए अविस्मरणीय रहेगा।
सजावट और धार्मिक आयोजन
पुजारी बमबम बाबा ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की मालाओं और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। भक्ति संगीत से पूरा वातावरण शिवमय हो गया है। सुबह गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और बेलपत्र अर्पित करेंगे। हर-हर महादेव के जयघोष से परिसर गूंज उठेगा। विशेष पूजा, रुद्राभिषेक और शिव विवाह कथा का आयोजन भी किया जाएगा।
सुरक्षा और सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था
मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। चिकित्सा शिविर, पेयजल, अस्थायी शौचालय और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था की गई है। भीड़ नियंत्रण के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। सुरक्षा के लिए पुलिस बल और निगरानी कैमरों की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का अनुमान है कि इस बार लाखों श्रद्धालु यहां पहुंच सकते हैं।
संध्या आरती और भंडारे का आयोजन
शाम को गंगा तट पर भव्य संध्या आरती का आयोजन होगा। ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और वैदिक मंत्रों के बीच होने वाली आरती भक्तों को आध्यात्मिक अनुभव कराएगी। आरती के बाद मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। हजारों श्रद्धालुओं के लिए खिचड़ी, सब्जी, पूड़ी और मीठे प्रसाद की व्यवस्था की गई है। मंदिर समिति के अनुसार यह भंडारा सभी भक्तों के लिए खुला रहेगा।
आस्था का अटूट विश्वास
श्रद्धालु अभिषेक शाश्वत का कहना है कि बाबा हरिहर नाथ मंदिर में महाशिवरात्रि का पर्व अत्यंत फलदायी माना जाता है। सच्चे मन से की गई पूजा से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यही कारण है कि हर वर्ष यहां आस्था का विराट जनसैलाब उमड़ता है।