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Bihar: ट्राई साइकिल से घर लौट रहे दिव्यांग को ट्रक ने रौंदा, परिवार का इकलौता सहारा छिना, गांव में मातम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 15 Jun 2026 06:48 PM IST
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सार
Bihar News: सारण जिले के नगरा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में दिव्यांग की मौत हो गई। ट्राई साइकिल से घर लौट रहे अकलू सिंह को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल अकलू सिंह ने पटना ले जाने के दौरान रास्ते में दम तोड़ दिया।
घर लौट रहे दिव्यांग को ट्रक ने रौंदा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सारण जिले के नगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत अर्वा प्लांट के समीप सोमवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक दिव्यांग व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे ने न केवल एक परिवार के मुखिया को छीन लिया है, बल्कि उस परिवार का इकलौता सहारा भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया है। मृतक की पहचान स्थानीय नगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत रसूलपुर गांव निवासी स्वर्गीय रामनाथ सिंह के 55 वर्षीय पुत्र अकलू सिंह के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, अकलू सिंह अपनी ट्राई साइकिल से सड़क किनारे होते हुए घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। हालांकि परिजन उन्हें पटना ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
संघर्ष के दम पर चला रहे थे परिवार का जीवन
अकलू सिंह दिव्यांग होने के बावजूद हार नहीं माने थे। वह फुटपाथ पर टायर पंचर बनाने का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मेहनत और संघर्ष के बल पर ही घर का चूल्हा जलता था। उनके निधन से पत्नी सुधा देवी, पुत्र अनंत कुमार तथा तीन पुत्रियां निधि कुमारी, अंजली कुमारी और चांदनी कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
नगरा पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि ओमप्रकाश शर्मा और समाजसेवी प्रमोद सिंह ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि कटेसर-रसूलपुर मुख्य मार्ग पर बेतरतीब खड़े वाहनों और अव्यवस्थित यातायात के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग की है, ताकि किसी अन्य परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।
ये भी पढ़ें: 12 दिन बाद रौशन आनंद जेल से हुए रिहा, कहा- फैजल ने भाई को छीना, अब खोलेंगे खान की पोल
घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। हर किसी की जुबान पर यही बात है कि संघर्ष कर परिवार का सहारा बने अकलू सिंह के जाने से एक पूरा परिवार बेसहारा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी मांग की है।
जानकारी के अनुसार, अकलू सिंह अपनी ट्राई साइकिल से सड़क किनारे होते हुए घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। हालांकि परिजन उन्हें पटना ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
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संघर्ष के दम पर चला रहे थे परिवार का जीवन
अकलू सिंह दिव्यांग होने के बावजूद हार नहीं माने थे। वह फुटपाथ पर टायर पंचर बनाने का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मेहनत और संघर्ष के बल पर ही घर का चूल्हा जलता था। उनके निधन से पत्नी सुधा देवी, पुत्र अनंत कुमार तथा तीन पुत्रियां निधि कुमारी, अंजली कुमारी और चांदनी कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है।
सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
नगरा पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि ओमप्रकाश शर्मा और समाजसेवी प्रमोद सिंह ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि कटेसर-रसूलपुर मुख्य मार्ग पर बेतरतीब खड़े वाहनों और अव्यवस्थित यातायात के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग की है, ताकि किसी अन्य परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।
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घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। हर किसी की जुबान पर यही बात है कि संघर्ष कर परिवार का सहारा बने अकलू सिंह के जाने से एक पूरा परिवार बेसहारा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी मांग की है।