Science News: करोड़ों प्रकाश वर्ष दूर हुआ महाविस्फोट, सूरज से 30 गुना बड़े तारे की हुई मौत
Science News: वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से 50 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर सूरज से बड़े तारे में विस्फोट होने और उसके खत्म होने की दुर्लभ प्रक्रिया को देखा है। इसके बाद ब्लैक होल बनते भी उन्होंने देखा।
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Science News: वैज्ञानिकों ने एक ऐसी घटना देखी है, जिसने उन्हें हैरान कर दिया है। उन्होंने सूरज से बड़े तारे में विस्फोट होने और उसके खत्म होने की दुर्लभ प्रक्रिया को आखिरी तक देखा है। वैज्ञानिकों की टीम मार्च से इस घटना पर नजरें रखी हुई थी। इस बीच X-रे की एक क्षणिक चमक की खोज हुई, चीन के आइंस्टीन प्रोब स्पेस टेलीस्कोप ने की। यह चमक तारे के टूटते कोर में धमाके से निकली शक्तिशाली शॉक वेव तारे की सतह को चीरकर बाहर निकली। इसे शॉक ब्रेकआउट कहा जाता है। यह सभी सुपरनोवा में होता है, लेकिन बहुत कम समय के लिए होने की वजह से इसे देख पाना मुश्किल होता है।
2008 के बाद पहली देखी गई ऐसी घटना
वैज्ञानिकों ने 2008 के बाद पहली बार शॉक ब्रेकआउट को देखा। खगोलविद ब्रेंडन ओ कॉनर ने कहा कि इस सही समय में पकड़ने के लिए किस्मत की जरूरत है। खगोलविद ब्रेंडन ओ कॉनर पिट्सबर्ग की कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी में पोस्टडॉक्टरल फेलो और एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स में छपे सुपरनोवा से जुड़े दो वैज्ञानिक पेपर्स में से एक के मुख्य लेखक है।
कैसे होता शॉक ब्रेकआउट?
मैरीलैंड यूनिवर्सिटी में नासा आइंस्टीन फेलो और दूसरी स्टडी की मुख्य लेखिका खगोलविद जिलियन रास्टिनेजाद ने बताया कि हम शॉक को रडार की तरह समझ सकते हैं। जैसे शॉक तारे की बाहरी परतों और आस-पास के किसी भी पदार्थ से होकर जाता है, तो यह उस सिग्नल पर एक निशान छोड़ता है जिसे X-रे में पकड़ा जाता है। वैज्ञानिक इन X-रे का इस्तेमाल करते हैं और ढहने की कगार पर खड़े तारे का एक अभूतपूर्व, नजदीकी नजारा देख सकते हैं।
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पृथ्वी से करोड़ों प्रकाशवर्ष दूर हुआ धमाका
शोधकर्ताओं ने कई टेलीस्कोपों की मदद से इस घटना को कैद किया है, जिसे उन्होंने विशेष तौर पर इसके लिए टेलीस्कोपों तैनात किया गया था। यह तारा पृथ्वी से करीब 50 करोड़ प्रकाश-वर्ष दूर पास की ही एक गैलेक्सी में मौजूद था। प्रकाश-वर्ष उस दूरी को कहा जाता है, जिसे प्रकाश एक साल में तय करता है। यह दूरी 9.5 ट्रिलियन किलोमीटर होती है। वैज्ञानिकों ने अनुमान ने लगाया है कि सुपरनोवा से पहले यह तारा सूरज से करीब 30 गुना अधिक भारी था।
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वैज्ञानिकों ने देखी हैरान करने वाली घटना
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस धमाके के बाद एक ब्लैक होल का निर्माण हुआ, जो बहुत अधिक घनत्व वाली चीज है और जिसकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति इतनी ज्यादा है कि प्रकाश भी उसमें समा जाता है और बाहर नहीं निकल पाता है। विस्फोट से पहले यह एक वुल्फ-रायट तारा था। यह एक दुर्लभ और विशाल तरह का तारा है और जो शक्तिशाली तारकीय हवाओं के माध्यम से अपनी बाहरी हाइड्रोजन और हीलियम की परतें छोड़ता था। वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने पहली बार इस तरह की घटना देखी है।