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Science News: क्या है चीन का महामिशन? एस्टेरॉयड से टकराएगा अंतरिक्ष यान, आवाज से 26 गुना तेज होगी रफ्तार
Thu, 23 Jul 2026 04:28 PM IST
धर्मेंद्र कुमार सिंह
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: धर्मेंद्र कुमार सिंह
Updated Thu, 23 Jul 2026 04:28 PM IST
सार
Science News: चीन के महामिशन के तैयारी कर रहा है। यह मिशन नासा के DART मिशन से एडवांस होगा। इस मिशन के तहत एस्टेरॉयड से एक अंतरिक्ष यान टकराएगा।
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क्या है चीन का महामिशन? एस्टेरॉयड से टकराएगा अंतरिक्ष यान
- फोटो : AI
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विस्तार
Science News: अंतरिक्ष में चीन एक बड़ा कारनाम करने की तैयारी कर रहा है। चीन अपना पहला प्लेनेटरी डिफेंस टेस्ट करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत एस्टेरॉयड यानि क्षुद्रग्रह से अंतरिक्ष यान को टकराएगा, जिसकी रफ्तार ध्वनि की गति से 26 गुना ज्यादा होगी। चीन का यह मिशन अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के डबल एस्टेरॉयड रीडायरेक्शन टेस्ट (DART) के मुकाबले अधिक एडवांस होगा। ड्रैगन की तरफ से नए पेपर में 2030 से पहले एक अंतरिक्ष यान को एस्टेरॉयड से टकराने की बात कही गई है।
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नासा का DART मिशन एक प्रूफ-ऑफ-कांसेप्ट था। इसके तहत नासा ने एस्टेरॉयड की कक्षा को बदला था। इसक विपरीत चीन का मकसद ज्यादा व्यावहारिक प्लैनेटरी डिफेंस टेस्ट करने का है। चीन नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन में प्लैनेटरी डिफेंस के प्रमुख वैज्ञानिक ली मिंगताओ की अगुवाई वाली टीम ने बताया कि इसका मकसद पृथ्वी के सापेक्ष एस्टेरॉयड की कक्षा को सीधे तौर पर बदलना या उसकी संरचना को तोड़ना है। पृथ्वी की तरफ आने वाले एस्टेरॉयड को टक्कर मारकर तोड़ना है ताकि पृथ्वी को कोई नुकसान न पहुंचे।
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क्या है चीन के मिशन का मकसद?
शोध पेपर के मुताबिक, इस अंतरिक्ष यान को 2029 या 2030 में पृथ्वी के करीब 70 किमी के दायरे में आने पर 9 किमी/सेकंड से ज्यादा की रफ्तार से अपने टारगेट से टकराएगा, तो वहीं DART की रफ्तार 6.1 किमी/सेकंड थी। चीन नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (CNSA) के प्लैनेटरी डिफेंस के मुखिया इस मिशन की अगुवाई कर रहे हैं। चीन की योजना का मकसद पृथ्वी को भविष्य में किसी खतरनाक एस्टेरॉयड के टकराने से बचाना है। चीनी वैज्ञानिक इस टक्कर से एस्टेरॉयड की कक्षा को सीधे तौर पर बदलना चाहते हैं या उसके ढांचे को तोड़ना चाहते हैं।
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कब और किस एस्टेरॉयड से होगी टक्कर?
इस मिशन के तहत 2015 XF261 नाम के नियर-अर्थ एस्टेरॉयड से टक्कर की संभावना है। इसे वैज्ञानिकों ने 2015 में खोजा था। एक अनुमान के मुताबिक, इसका आकार करीब 30 मीटर है, लेकिन सटीक आकार के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है। 2029 या 2030 के दौरान यह एस्टेरॉयड पृथ्वी से करीब 70 लाख किमी की दूरी से गुजरेगा। इसके घूमने और बनावट के बारे में कोई भी जानकारी नहीं है। वैज्ञानिकों ने संभावना जताई है कि यह एक ठोस चट्टान है।
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इस मिशन के तहत दो अंतरिक्ष यान लॉन्च किए जाएंगे और पृथ्वी से निकलते ही अलग हो जाएंगे। एक अंतरिक्ष यान सीधे एस्टेरॉयड को टक्कर मारेगा और दूसरा ऑब्जर्वर होगा। यह टक्कर से पहले, टक्कर के दौरान और उसके बाद एस्टेरॉयड की कक्षा, सतह, मलबे और अंदरूनी बनावट में आने वाले बदलावों पर नजर रखेगा और उसका डेटा वैज्ञानिकों को भेजेगा।