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Viral Post: एक कमरे में 5-6 लोग और शौचालय के लिए लंबी लाइन, मुंबई की चॉल का अनुभव वायरल
Fri, 14 Aug 2026 12:33 PM IST
दीक्षा पाठक
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Fri, 14 Aug 2026 12:33 PM IST
सार
Post: मुंबई के एक निवासी ने रिश्तेदार के घर के पास स्थित चॉल में एक रात बिताने के बाद अपना अनुभव रेडिट पर साझा किया। छोटे कमरे में कई लोगों के रहने, निजता की कमी और सार्वजनिक शौचालय के बाहर लंबी कतार जैसी परिस्थितियों ने उन्हें प्रभावित किया। पोस्ट वायरल होने के बाद चॉल में रह चुके लोगों ने अपने अलग-अलग अनुभव साझा किए।
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शौचालय के लिए लाइन में होना पड़ता है खड़ा
- फोटो : AI
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विस्तार
मुंबई को सपनों का शहर कहा जाता है, लेकिन इसी शहर की ऊंची इमारतों और चमचमाते अपार्टमेंट्स से कुछ ही दूरी पर ऐसी चॉल भी हैं, जहां जिंदगी बिल्कुल अलग अंदाज में चलती है। इसी हकीकत से एक मुंबई निवासी का सामना तब हुआ, जब उन्हें एक चॉल में रात गुजारने का मौका मिला। एक रात के इस अनुभव ने उन्हें अपनी जिंदगी की सुविधाओं को नए नजरिए से देखने पर मजबूर कर दिया।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट
शख्स ने अपने अनुभव को रेडिट पर साझा किया है। उन्होंने बताया कि वह अपने एक दूर के रिश्तेदार से मिलने चॉल गए थे। रात काफी हो जाने के कारण रिश्तेदार ने उन्हें वहीं रुकने के लिए कहा और वह मान गए। लेकिन रात गुजारने के बाद उन्हें चॉल में रहने की वास्तविक परिस्थितियों का अंदाजा हुआ।
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शौचालय के लिए लाइन में होना पड़ता है खड़ा
उनके मुताबिक, एक छोटे से कमरे में पांच से छह लोग सोते हैं। वहां निजता का अभाव है और आसपास लगातार शोर सुनाई देता है। हालांकि, उनके लिए सबसे अलग अनुभव अगली सुबह हुआ। जैसे ही वह उठे, उन्हें शौचालय जाने के लिए लंबी कतार में खड़ा होना पड़ा। उनके आगे करीब 10 लोग थे और सभी अपने साथ बाल्टी लेकर खड़े थे। शख्स ने बताया कि उनसे इतनी देर लाइन में खड़ा नहीं हुआ और उन्होंने शौचालय जाने का विचार ही छोड़ दिया। इस पूरे अनुभव के बाद उन्होंने कहा कि वह अपने जीवन की सुविधाओं को लेकर कभी शिकायत नहीं करेंगे।
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परिवार की तरह रहते हैं लोग
हालांकि, उन्हें चॉल में रहने वाले लोगों के व्यवहार ने भी प्रभावित किया। उनका कहना था कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद वहां रहने वाले लोग अपनी जिंदगी से संतुष्ट दिखाई देते हैं। वे चॉल में रहने वाले लोगों के बीच आपसी सहयोग और परिवार जैसी भावना को लेकर गर्व महसूस करते हैं। उनका मानना है कि फ्लैटों में रहने वाले लोगों के बीच ऐसा जुड़ाव कम देखने को मिलता है।
यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शंस
पोस्ट वायरल हुई तो चॉल में रह चुके कई लोगों ने अपनी अलग राय रखी। एक यूजर ने कहा कि गरीबी में चॉल में पले-बढ़े और बाद में मध्यमवर्गीय जीवन जीने वाले लोग मानेंगे कि सोसाइटी में रहना ज्यादा आरामदायक है। दक्षिण मुंबई की चॉल में 30 साल बिताने वाले एक यूजर ने कहा कि अब वह अपार्टमेंट में रहते हैं और दोबारा चॉल में नहीं जाना चाहते। वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने चॉल को लेकर परिवार जैसी एकजुटता की धारणा को गलत बताया।