Biz Updates: फेड अध्यक्ष की सीनेट गवाही पर जांच के संकेत; AI से बदल सकता है ऑनलाइन खरीदारी का तरीका
अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम एच पॉवेल ने पुष्टि की है कि अमेरिकी न्याय विभाग ने फेडरल रिजर्व को ग्रैंड जूरी समन भेजे हैं। यह कार्रवाई पिछले जून में सीनेट बैंकिंग समिति के सामने दी गई उनकी गवाही से जुड़ी संभावित आपराधिक जांच की ओर इशारा करती है।
एक सार्वजनिक बयान में पॉवेल ने कहा कि उनकी गवाही में, अन्य बातों के साथ, फेडरल रिज़र्व की ऐतिहासिक इमारतों से जुड़े लंबे समय से चल रहे नवीनीकरण प्रोजेक्ट का उल्लेख था। उन्होंने कानून के शासन के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि फेड चेयर सहित कोई भी व्यक्ति कानूनी जवाबदेही से ऊपर नहीं है। हालांकि, पॉवेल ने न्याय विभाग की इस कार्रवाई को अभूतपूर्व बताया और कहा कि यह ऐसे समय में हुई है, जब उनके अनुसार प्रशासन की ओर से निरंतर दबाव बना हुआ है।
AI से बदलेगी ऑनलाइन खरीदारी
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने यूनिवर्सल कॉमर्स प्रोटेकॉल (UCP) के लॉन्च का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट्स लोगों के खरीदारी करने के तरीके में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
सोशल मीडिया पोस्ट में पिचाई ने बताया कि एआई एजेंट्स भविष्य में शॉपिंग जर्नी का अहम हिस्सा होंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए गूगल ने शॉपिफाई, एत्सी , वेफेयर, टारगेट और वॉलमार्ट के साथ मिलकर यूसीपी तैयार किया है। यह एक नया ओपन स्टैंडर्ड है, जो शॉपिंग की पूरी प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग सिस्टम्स और AI एजेंट्स को आपस में संवाद करने में सक्षम बनाएगा। पिचाई के मुताबिक, जल्द ही UCP के जरिए नेटिव चेकआउट की सुविधा भी मिलेगी, जिससे यूजर्स सीधे एआई और जेमिनी एप के भीतर ही खरीदारी कर सकेंगे।
केंद्रीय बजट 2026 से स्टार्टअप्स को बड़ी उम्मीदें
केंद्रीय बजट 2026 को रविवार, 1 फरवरी को पेश किया जाना है। इससे पहले विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स ने सरकार से मजबूत प्रोत्साहन, आसान कर्ज व्यवस्था और सरल अनुपालन नियमों की मांग की है। स्टार्टअप्स का कहना है कि इससे शुरुआती चरण की कंपनियों को सहारा मिलेगा और दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित होगा।
उद्योग जगत के नेताओं का मानना है कि भले ही सरकार की कई योजनाएं मौजूद हैं, लेकिन फंडिंग तक पहुंच, टैक्सेशन और नियामकीय अनुपालन के स्तर पर अभी भी कई व्यावहारिक चुनौतियां बनी हुई हैं। उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों, फैमिली-फोकस्ड इनोवेशन और टेक-आधारित शिक्षा में निवेश करने वाले स्टार्टअप्स के लिए टैक्स लाभ देने की भी मांग की। साथ ही उन्होंने बजट में प्रारंभिक बाल विकास, मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल-पैरेंटिंग समाधानों पर अधिक जोर देने का आग्रह किया।
हैदराबाद हादसे पर जेप्टो का बयान
क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो ने सोमवार को स्पष्ट किया कि हैदराबाद में सड़क हादसे में जान गंवाने वाला डिलीवरी कर्मी न तो कंपनी से जुड़ा था और न ही हादसे के समय जेप्टो के लिए कोई डिलीवरी कर रहा था।
सोशल मीडिया पर वायरल सीसीटीवी फुटेज में 5 जनवरी को शाम करीब 5 बजे हुए इस हादसे को दिखाया गया है, जिसमें एक डिलीवरी राइडर बाइक से गिरने के बाद बस की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद क्विक कॉमर्स कंपनियों की तेज डिलीवरी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे। जेप्टो ने बयान में कहा कि उसके सभी डिलीवरी पार्टनर्स के लिए व्यापक बीमा कवर उपलब्ध है, जिसमें 10 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा और 1 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा शामिल है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई बीमा दावा नहीं किया गया है, क्योंकि मृत व्यक्ति उसके डिलीवरी नेटवर्क का हिस्सा नहीं था। कंपनी ने कहा कि इस कठिन समय में उसकी संवेदनाएं मृतक के परिवार के साथ हैं।
प्रीमियर एनर्जीज का बड़ा विस्तार प्लान
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी प्रीमियर एनर्जीज अपनी विनिर्माण क्षमता में बड़े विस्तार की तैयारी कर रही है। कंपनी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए सेल और मॉड्यूल निर्माण क्षमता को सालाना 10.6 गीगावाट और 11.1 गीगावाट तक ले जाने की योजना बना रही है। यह विस्तार करीब 11,000 करोड़ रुपये के निवेश से किया जाएगा। कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर विनय रुस्तगी ने बताया कि फिलहाल प्रीमियर एनर्जीज तेलंगाना के हैदराबाद के पास स्थित चार इकाइयों में सालाना 3.2 गीगावाट सेल और 5.1 गीगावाट मॉड्यूल का उत्पादन कर रही है।
उन्होंने कहा कि कंपनी आगे चलकर इंगट्स और वेफर्स के निर्माण में भी कदम रखने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य खुद को दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माता कंपनियों में शामिल करना है। विनय रुस्तगी ने स्पष्ट किया कि कंपनी अपनी विनिर्माण क्षमताओं के विस्तार को लेकर पूरी तरह गंभीर है और इसके लिए दीर्घकालिक रणनीति पर काम किया जा रहा है।