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Layoffs: बीएमडब्ल्यू भी करेगा छंटनी, जानिए कितने हजार कर्मचारियों की जाएगी नौकरी

Wed, 29 Jul 2026 03:11 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 29 Jul 2026 03:11 PM IST
सार

दुनिया की दिग्गज लक्जरी कार कंपनी बीएमडब्ल्यू 2027 के अंत तक 8,000 नौकरियों में कटौती करने जा रही है। चीनी बाजार में कड़ी टक्कर और कम होते मुनाफे के बीच कंपनी अपने खर्च कम करने की कोशिश में है। जानिए इस छंटनी का पूरा असर।

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BMW to Cut 8,000 Jobs by 2027 Amid Intense Chinese Competition and Slower EV Demand
बीएमडब्ल्यू में छंटनी - फोटो : amarujala.com

विस्तार

लग्जरी कार बनाने वाली दुनिया की दिग्गज कंपनी बीएमडब्ल्यू छंटनी के दौर से गुजर सकती है। ऑटो सेक्टर में फिलहाल यही सच है। रॉयटर्स ने कंपनी के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया है कि जर्मनी की मशहूर कार मेकर बीएमडब्ल्यू 2027 के अंत तक अपनी 8,000 नौकरियों में कटौती करने की योजना बना रही है। हाल ही में अपने मुनाफे में कमी की चेतावनी देने के बाद, अब कंपनी ने खुद को बाजार में टिकाए रखने और खर्चों को कंट्रोल करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है।

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आखिर बीएमडब्ल्यू को क्यों उठानी पड़ रही है छंटनी की कैंची?

दरअसल, कंपनी इन दिनों कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। सबसे बड़ी वजह है इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री से मिलने वाले मुनाफे में कमी आना और अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े टैरिफ। इसके अलावा, चीनी कार कंपनियों से मिल रही जबरदस्त टक्कर ने भी जर्मन कार निर्माताओं की नींद उड़ा रखी है, जिसके चलते उन्हें अपनी लागत घटाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

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किन कर्मचारियों पर गिरेगी गाज और कौन रहेगा सुरक्षित?

कंपनी दुनियाभर में लगभग 1,54,000 लोगों को रोजगार देती है, लेकिन यह छंटनी मुख्य रूप से जर्मनी में 'डेस्क' पर काम करने वाले कर्मचारियों की होगी। अक्टूबर महीने से, कंपनी के लगभग 85,000 स्थायी जर्मन कर्मचारियों में से करीब 40,000 को स्वैच्छिक छंटनी यानी अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने का ऑफर दिया जाएगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि फैक्ट्रियों की प्रोडक्शन लाइन में काम करने वाले मजदूरों पर इस छंटनी का कोई असर नहीं पड़ेगा।

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क्या चीन का बाजार बना है कंपनियों के लिए मुसीबत?

बिल्कुल! चीन में आर्थिक सुस्ती और वहां की कंपनियों से मिल रही भयंकर प्रतियोगिता की वजह से बीएमडब्ल्यू की हालत वहां खराब हो गई है। पिछले महीने ही कंपनी ने बताया था कि चीन में उनका कारोबार उम्मीद से कहीं ज्यादा बुरा चल रहा है। हालत यह है कि वहां बीएमडब्ल्यू कारों की डिलीवरी पिछले साल 2017 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर थी, और अप्रैल से जून की तिमाही में इसमें 30 फीसदी की भारी गिरावट आई है।

क्या बाकी कार कंपनियों का भी यही हाल है?

जी हां, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का हाल इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इस चुनौती का सामना सिर्फ बीएमडब्ल्यू नहीं कर रही है। एक और बड़ी जर्मन कंपनी फॉक्सवैगन भी अपने 10 अलग-अलग ब्रांड्स में करीब एक लाख नौकरियों में कटौती करने पर विचार कर रही है। वहीं, जानी-मानी कंपनी मर्सिडीज-बेंज ने भी इसी तरह का अपना एक स्वैच्छिक छंटनी प्रोग्राम शुरू किया हुआ है।

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