Biz Updates: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पाइसजेट पर लगाया ₹50 हजार का जुर्माना; रियल एस्टेट निवेश में 37% की वृद्धि
इससे पहले 19 जनवरी को हाईकोर्ट ने स्पाइसजेट और अजय सिंह को 194 करोड़ रुपये की स्वीकृत देनदारी के खिलाफ 144 करोड़ रुपये अदालत की रजिस्ट्री में छह हफ्तों के भीतर जमा करने का निर्देश दिया था। बाद में 18 मार्च को इस समयसीमा को चार हफ्तों के लिए बढ़ा दिया गया था। स्पाइसजेट और अजय सिंह ने इस आदेश पर पुनर्विचार की मांग करते हुए दलील दी थी कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कंपनी वित्तीय संकट से गुजर रही है। कंपनी ने गुरुग्राम की एक व्यावसायिक संपत्ति को सुरक्षा के रूप में देने का प्रस्ताव भी रखा और यह भी कहा कि केंद्र सरकार से कुछ सहायता मिलने की संभावना है।
भारतीय रियल एस्टेट मार्केट में निवेश में 2026 की पहली तिमाही में जोरदार वृद्धि देखने को मिली है और यह 2026 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 37 प्रतिशत बढ़कर 1.7 अरब डॉलर हो गया है। यह जानकारी सोमवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
जेएलएल की रिपोर्ट में कहा गया कि जनवरी से मार्च अवधि के दौरान बड़ी संपत्तियों के अधिग्रहण की तरफ एक संरचनात्मक बदलाव देखने को मिला है और इनकी वैल्यू 178 प्रतिशत बढ़कर 1.03 अरब डॉलर हो गई है। दूसरी तिमाही में यह रुझान और तेज हो गया है, जिसमें बड़ी संपत्तियों के सौदों का कुल मूल्य 1.48 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो स्थिर, आय-सृजन करने वाली संपत्तियों में निरंतर विश्वास का संकेत देता है।
जेएलएल इंडिया की वरिष्ठ प्रबंध निदेशक और पूंजी बाजार प्रमुख लता पिल्लई ने कहा कि यह स्थिर, आय-सृजन करने वाली संपत्तियों की ओर एक मूलभूत बदलाव को दर्शाता है, जबकि कार्यालय क्षेत्र का प्रभुत्व मजबूत परिचालन आधार को दर्शाता है। पिल्लई ने कहा कि सीमा पार के निवेशकों द्वारा सफलतापूर्वक सौदे पूरे किए जाने से सौदों की गति मजबूत बनी हुई है। भारत का संरचनात्मक विकास हमें 2026 तक इस विकास पथ को बनाए रखने के लिए अच्छी स्थिति में रखता है। उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का निवेश बाजार लचीलापन प्रदर्शित कर रहा है।
पश्चिम एशिया संकट का असर, अप्रैल में भारत की LPG खपत 16% घटी
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर भारत की ऊर्जा खपत पर साफ दिखने लगा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में देश की रसोई गैस (LPG) खपत में 16 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। पेट्रोलियम मंत्रालय की पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में LPG खपत 2.2 मिलियन टन रही, जो पिछले साल के इसी महीने के 2.62 मिलियन टन से 16.16% कम है।
भारत अपनी लगभग 60% LPG जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, जिसका बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए आता है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव के चलते इस मार्ग पर आपूर्ति बाधित हुई, जिससे सऊदी अरब और यूएई से आने वाली सप्लाई प्रभावित हुई।
सरकार ने घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए होटल और उद्योगों को LPG सप्लाई सीमित कर दी, साथ ही घरेलू सिलेंडर रिफिल के बीच अंतराल भी बढ़ाया गया। अन्य ईंधनों में भी असर दिखा। हवाई ईंधन (ATF) की खपत 1.37% घटकर 7.61 लाख टन रही, जबकि डीजल की वृद्धि घटकर 0.25% रह गई। पेट्रोल की खपत में 6.36% बढ़ोतरी हुई, लेकिन यह भी पिछले महीने की तुलना में धीमी रही।