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Union Budget: बजट में 'सभी के लिए बीमा' का सपना होगा साकार? जानें कवरेज बढ़ाने को लेकर उद्योग को क्या उम्मीद

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Thu, 22 Jan 2026 03:13 PM IST
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सार

बजट 2026 को लेकर बीमा उद्योग को उम्मीद है कि सरकार 'सभी के लिए बीमा' लक्ष्य को पूरा करने के लिए टैक्स राहत, पॉलिसी सुधार और बजटीय समर्थन बढ़ाएगी। उद्योग जीवन, स्वास्थ्य, पेंशन और यूलिप योजनाओं पर टैक्स लाभ बढ़ाने और प्रीमियम कैप बढ़ाने की मांग कर रहा है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट। 

Will the dream of "insurance for all" be realized in the Budget? Learn what the industry hopes for coverage
जीवन बीमा - फोटो : i stock
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विस्तार
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगी।बीमा उद्योग इसे लेकर काफी उम्मीदें है, उद्योग का कहना है कि सरकार ने पहले ही जीवन बीमा इंश्योरेंस पर से जीएसटी को हटाने का फैसला किया था। इससे जीवन बीमा लगभग 18 प्रतिशत अधिक सस्ता और किफायती हो गया है। लेकिन 2047 तक सभी के लिए बीमा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लक्षित नीति और बजटीय उपायों के समर्थन और एक रोडमैप बनाने की जरूरत है। 

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लक्ष्य हासिल करने के लिए क्रियान्वयन की आवश्यकता

यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ शरद माथुर कहते हैं कि सभी के लिए बीमा उपलब्ध करवाने के लिए केवल इरादे ही नहीं उनके लिए उपायों और समर्थित नीतियों की जरूरत है। 2047 तक सभी के लिए बीमा के लक्ष्य को पाने के लिए लक्षित नीति और बजटीय उपायों द्वारा समर्थित एक स्पष्ट समयबद्ध रोडमैप की जरूरत होगी। इसके लिए साझा डिजिटल बीमा के बुनियादी ढांचे और बीमा जागरुकता के लिए लगातार काम करने के साथ इसके वित्तपोषण की आवश्यकता है। विशेष रूप से ग्रामीण और कम आय वाले क्षेत्रों के लिए यह जरूरी है। वे कहते हैं कि ये सभी उपाय मिलकर सुरक्षा के गैप को कम करने, बीमा को किफायती बनाने और सार्वभौमिक बीमा के दृष्टिकोण को जमीनी स्तर पर साकार करने में मदद करेंगे।

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सभी के लिए बीमा की दिशा में तेजी लाने के लिए ये जरूरी

बंधन लाइफ के एमडी और सीईओ सतीश्वर बी. कहते है कि 2025 में सबसे अच्छे सुधारों में से एक सरकार ने जीवन बीमा इंश्योरेंस पर से जीएसटी को हटाने का फैसला था। इससे जीवन बीमा लगभग 18 प्रतिशत अधिक सस्ता हो गया। इससे अधिक लोगों ने अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए प्रोत्साहित हुए हैं। हमें उम्मीद है कि इस साल का बजट भी इसी रफ्तार को बनाए रखेगा। हमें उम्मींद है कि सरकार बजट में  पेंशन उत्पादों को अधिक समर्थन के साथ और ट्रेडिशनल प्लान की तरह प्रीमियम कैप को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर सकती है। इन उपायों से  2047 तक 'सभी के लिए बीमा' की दिशा में तेजी लाने में बहुत मदद मिलेगी। हालांकि, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के नुकसान के कारण इंश्योरेंस कंपनियों को ऑपरेशन लागत में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ा है, मुझे उम्मीद है कि बेहतर किफायती दरों और बढ़ी हुई मांग इस असर को कम करने में मदद करेगी।


प्रोटेक्शन और स्वास्थ्य बीमा के लिए बेहत कर लाभ

बीमा की पहुंच बढ़ाने और 2047 तक सभी के लिए बीमा के विजन को पाने के लिए जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स बेनिफिट्स यानी लाभ को बढ़ाने पर सरकार इस बजट में विचार करेगी ऐसी उम्मीद बीमा उद्योग को है। विशेष रूप मौजूदा लिमिट बढ़ाने या जीवन बीमा प्रीमियम के लिए एक अलग डेडिकेटेड सेक्शन शुरू करने की सलाह उद्योग दे रहा है। उद्योग का कहना है,  इन कर लाभ को पुराने और नए दोनों कर प्रणाली में शामिल किया जाए, इससे बीमा पहुंच सभी के लिए बढ़ेगी और यह किफायती भी होगा।

एन्युटी प्लान पर टैक्स राहत

उद्योग और बीमा जानकारों का कहना है, भारत में रिटायरमेंट सेविंग्स में अंतर बढ़ रहा है, जिससे 2050 तक 85 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इस अंतर को भरने के लिए कुछ करना होगा। सरकार इस साल बजट में सभी पेंशन और एन्युटी उत्पादों पर 50,000 रुपये की छूट को बढ़ा सकती है। एन्युटी पेमेंट पर कर कम किया जा सकता है, जिससे रिटायरमेंट आय अधिक टैक्स एफिशिएंट और सेवर्स के लिए आकर्षक हो जाएगी। इसके साथ ही इन उत्पादों के लिए कर लाभ को आसान बनाने और बढ़ाने से अधिक भारतीय लॉन्ग टर्म इनकम सिक्योरिटी में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

यूलिप के लिए टैक्स प्री मैच्योरिटी के लिए प्रीमियम कैप बढ़ाकर 5 लाख करने की मांग

उद्योग का कहना है, हमें उम्मींद है कि इस साल बजट में यूलिप कैप को पारंपरिक उत्पाद की तरह ही बढ़ाकर 5 लाख रुपये दिया जाएगा। वर्तमान समय में यूलिप में फ्री मैच्योरिटी के लिए सालाना प्रीमियक का कैप 2.5 लाख रुपये है।



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