यस बैंक मामला: ईडी ने अनिल अंबानी को भेजा नया समन, गुरुवार को पेश होने को कहा
संकट में फंसे निजी क्षेत्र के यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी को तलब किया है।
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को यस बैंक के प्रवर्तक राणा कपूर एवं अन्य के खिलाफ जारी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के संबंध में नया समन जारी किया है। इसमें रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जबकि तीन अन्य उद्योग समूहों के प्रमुखों को खराब कर्ज के मामले में गुरुवार को पेश होने के लिए कहा है। इससे पहले जारी समन के मुताबिक अंबानी को सोमवार को व्यक्तिगत तौर पर पेश होना था, परंतु उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए इससे छूट मांगी थी।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपने नए समन में रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी को गुरुवार को पेश होने के लिए कहा है। इसके अलावा एस्सेल समूह के सुभाष चंद्रा, जेट एयरवेज के पूर्ण चेयरमैने नरेश गोयल, डीएचएफएल के प्रमोटर कपिल वाधवन को समन जारी किया है। बता दें कि यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर ने इन समूहों को कर्ज दिया था जो बाद में खराब कर्ज व गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) में तब्दील हो गए थे।
अंबानी ने मांगी थी निजी कारणों से छूट
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यस बैंक के प्रवर्तक राणा कपूर एवं अन्य के खिलाफ जारी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के संबंध में रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी को समन जारी किया था। अधिकारियों ने सोमवार को कहा था कि यस बैंक से लिए गए कर्ज में से जो खाते गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) में तब्दील हो गए, उनमें अनिल अंबानी के समूह की कंपनियां बड़े कर्जधारकों में हैं। इस कारण उन्हें ईडी के मुंबई कार्यालय में सोमवार को उपस्थित होने को कहा गया।
Enforcement Directorate officials: Reliance Group Chairman Anil Ambani has filed an adjournment application and has sought more time to appear before the Enforcement Directorate after ED summoned him in connection with its probe against Yes Bank founder Rana Kapoor and others. pic.twitter.com/vjT69pHyNB
— ANI (@ANI) March 16, 2020
अधिकारियों ने बताया कि अंबानी ने कुछ निजी कारणों से उपस्थित होने से छूट की मांग की थी। इसके बाद अंबानी को ईडी की ओर से ताजा समन में नई तारीख दे दी गई है। बता दें कि अनिल अंबानी की कंपनियों द्वारा यस बैंक से लिए गए कर्ज में 12,800 करोड़ रुपये एनपीए हो गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इन सभी बड़ी कंपनियों के प्रमोटरों को बुलाया गया है जिनको दिए गए लोन एनपीए में तब्दील हुए। मामले में अधिकारियों ने कहा कि अनिल अंबानी का बयान प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट ( PMLA ) के तहत दर्ज किया गया है। राणा कपूर फिलहाल ईडी की हिरासत में हैं।
अनिल अंबानी के समूह की कई कंपनियां उन बड़ी कंपनियों की लिस्ट में हैं, जिनको दिया गया कर्ज बैड लोन की लिस्ट में पहुंच गया है। इन कंपनियों ने यस बैंक से भी कर्ज लिया था। लेकिन इसे लौटाया नहीं। छह मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि यस बैंक से कर्ज लेने वालों में निम्ननलिखित कंपनियां प्रमुख हैं-
- अनिल अंबानी ग्रुप
- एस्सेल
- आईएलफएस
- डीएचएफएल
- वोडाफोन
मालूम हो कि आर्थिक संकट से जूझ रहे यस बैंक को उबारने के लिए सरकार ने यस बैंक के पुनर्गठन की योजना अधिसूचित की है। सरकार ने वर्तमान प्रशासक प्रशांत कुमार को प्रबंध निदेशक, सीईओ नियुक्त कर दिया है। सरकारी अधिसूचना के अनुसार, यस बैंक पर लगी रोक 18 मार्च की शाम छह बजे से हटा ली जाएगी। शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यस बैंक के पुनर्गठन से जुड़ी योजना के बारे में जानकारी दी।
तीसरी तिमाही में 18,654 करोड़ रुपये का घाटा
डूबे कर्ज के दबाव की वजह से यस बैंक को चालू वित्त वर्ष की दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही में 18,654 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। यह निजी क्षेत्र के किसी बैंक का अब तक का सबसे ऊंचा घाटा है। बैंक से पिछले छह माह के दौरान 72,000 करोड़ रुपये की निकासी हुई और यह आंकड़ा 1.37 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।