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Chandigarh News: 87 साल के सेवानिवृत्त डीआईजी को पद्म श्री, सफाई के मिशन ने बनाया मिसाल
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चंडीगढ़। 87 वर्षीय सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू को गणतंत्र दिवस पर पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। उनकी यह पहचान किसी पद या पुरस्कार से नहीं, बल्कि समाज सेवा के लिए खुद सड़कों पर झाड़ू लगाने वाले मिशन से बनी है। सेक्टर-49 में रहने वाले सिद्धू की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें वे सुबह 6 बजे उठकर खुद सड़कों की सफाई करते नजर आए थे।
1996 में पंजाब पुलिस के डीआईजी पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने स्वच्छता को जीवन धर्म बना लिया। आईएएस-आईपीएस ऑफिसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी में कचरा फैला रहने पर कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुधार नहीं होने पर उन्होंने खुद सफाई का जिम्मा उठाया। शुरुआत में लोग उनका मजाक उड़ाते थे, लेकिन आज कई नागरिक और सामाजिक संगठन उनके साथ जुड़ गए हैं। उनका सपना है कि चंडीगढ़ देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बने।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रपति ने 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी है, जिसमें इंदरजीत सिंह सिद्धू का नाम भी शामिल है। उनकी यह प्रेरक कहानी बताती है कि उम्र केवल संख्या है, असली बदलाव तो इरादों और अनुशासन से आता है।
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1996 में पंजाब पुलिस के डीआईजी पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने स्वच्छता को जीवन धर्म बना लिया। आईएएस-आईपीएस ऑफिसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी में कचरा फैला रहने पर कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुधार नहीं होने पर उन्होंने खुद सफाई का जिम्मा उठाया। शुरुआत में लोग उनका मजाक उड़ाते थे, लेकिन आज कई नागरिक और सामाजिक संगठन उनके साथ जुड़ गए हैं। उनका सपना है कि चंडीगढ़ देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बने।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रपति ने 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी है, जिसमें इंदरजीत सिंह सिद्धू का नाम भी शामिल है। उनकी यह प्रेरक कहानी बताती है कि उम्र केवल संख्या है, असली बदलाव तो इरादों और अनुशासन से आता है।