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Chandigarh News: सीमा पार नार्को-आतंकवाद मॉड्यूल का वित्तीय लिंक ध्वस्त, एक गिरफ्तार
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मोहाली। गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) मोहाली ने सीमा पार संचालित ड्रग और आतंकी मॉड्यूल के बड़े वित्तीय लिंक को पकड़कर पंजाब में नार्को-आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। एसएसओसी ने संगरूर के गांव पुन्नेवाल निवासी सतनाम सिंह (22) को काबू किया है जो पाकिस्तान के तस्करों के निर्देश पर हेरोइन तस्करी से होने वाली कमाई को बैंक खातों और यूपीआई के जरिए आगे पहुंचाने का काम कर रहा था। पुलिस ने थाना एसएसओसी में मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मॉड्यूल से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि सतनाम सिंह नेटवर्क के लिए फाइनेंशियल चैनल के तौर पर काम कर रहा था। वह पिछले साल जून में टूरिस्ट वीजा पर अजरबैजान गया था जहां उसका संपर्क अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से हुआ। वहीं से उसे हेरोइन तस्करी से जुड़े पैसों के लेन-देन की जिम्मेदारी सौंपी गई।
यह गिरफ्तारी भारत-नेपाल सीमा के पास रक्सौल से नार्को-आतंकवादी कारकुन राजबीर सिंह उर्फ फौजी की गिरफ्तारी के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई। राजबीर फरवरी 2025 में भारतीय सेना से फरार हो गया था और बाद में हेरोइन तस्करी में सक्रिय पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि राजबीर का संबंध चिराग नामक आरोपी से था, जिसे पहले 107 ग्राम हेरोइन, 9 एमएम पिस्तौल और जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
नेटवर्क के तार हथियारों की तस्करी और सिरसा में ग्रेनेड हमले से भी जुड़े
एसएसओसी के एआईजी दीपक पारिक ने बताया कि राजबीर से पूछताछ में खुलासा हुआ कि सितंबर 2025 में भारत लौटने के बाद पाकिस्तान-आधारित तस्कर ने सतनाम सिंह से संपर्क साधा और उसे नेटवर्क के लिए काम करने को तैयार किया। हेरोइन की बिक्री से जुटाई गई रकम सतनाम के खाते में जमा करवाई जाती थी, जिसे वह आगे नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक ट्रांसफर करता था। इसके बदले उसे कमीशन दिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि सतनाम के खाते में फंड ट्रांसफर करने में तरनतारन निवासी गुरजंट सिंह की भूमिका रही है जिसे हरियाणा पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक कि इस नेटवर्क के तार अवैध हथियारों की तस्करी और नवंबर 2025 में हरियाणा के सिरसा में हुए ग्रेनेड हमले से भी जुड़े हैं।
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पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि सतनाम सिंह नेटवर्क के लिए फाइनेंशियल चैनल के तौर पर काम कर रहा था। वह पिछले साल जून में टूरिस्ट वीजा पर अजरबैजान गया था जहां उसका संपर्क अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से हुआ। वहीं से उसे हेरोइन तस्करी से जुड़े पैसों के लेन-देन की जिम्मेदारी सौंपी गई।
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यह गिरफ्तारी भारत-नेपाल सीमा के पास रक्सौल से नार्को-आतंकवादी कारकुन राजबीर सिंह उर्फ फौजी की गिरफ्तारी के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई। राजबीर फरवरी 2025 में भारतीय सेना से फरार हो गया था और बाद में हेरोइन तस्करी में सक्रिय पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि राजबीर का संबंध चिराग नामक आरोपी से था, जिसे पहले 107 ग्राम हेरोइन, 9 एमएम पिस्तौल और जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
नेटवर्क के तार हथियारों की तस्करी और सिरसा में ग्रेनेड हमले से भी जुड़े
एसएसओसी के एआईजी दीपक पारिक ने बताया कि राजबीर से पूछताछ में खुलासा हुआ कि सितंबर 2025 में भारत लौटने के बाद पाकिस्तान-आधारित तस्कर ने सतनाम सिंह से संपर्क साधा और उसे नेटवर्क के लिए काम करने को तैयार किया। हेरोइन की बिक्री से जुटाई गई रकम सतनाम के खाते में जमा करवाई जाती थी, जिसे वह आगे नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक ट्रांसफर करता था। इसके बदले उसे कमीशन दिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि सतनाम के खाते में फंड ट्रांसफर करने में तरनतारन निवासी गुरजंट सिंह की भूमिका रही है जिसे हरियाणा पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक कि इस नेटवर्क के तार अवैध हथियारों की तस्करी और नवंबर 2025 में हरियाणा के सिरसा में हुए ग्रेनेड हमले से भी जुड़े हैं।