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Chandigarh News: गवाह को धमकाने का आरोप, सीबीआई ने एसआई और कॉन्स्टेबल की जमानत रद्द करने की मांग
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चंडीगढ़। वर्ष 2018 के पांच हजार रुपये रिश्वत मामले में आरोपी चंडीगढ़ पुलिस के तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर सेवा सिंह और कॉन्स्टेबल सुमित की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दोनों पर मामले के अहम गवाह को धमकाने और अपने पक्ष में बयान देने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए विशेष अदालत में उनकी जमानत रद्द करने की मांग की है। अदालत ने सीबीआई की अर्जी पर दोनों आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई चार अगस्त को होगी।
सीबीआई ने 21 जुलाई को दाखिल अर्जी में कहा कि जमानत पर रिहा होने के बाद दोनों आरोपी शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं। एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने एक व्यक्ति के माध्यम से मुख्य गवाह से संपर्क कराया और अपने पक्ष में गवाही देने का दबाव बनाया। सीबीआई ने इसे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश बताया है।
गवाह ने भी अदालत में शिकायत देकर आरोप लगाया कि आरोपियों के कहने पर एक व्यक्ति लगातार उससे संपर्क कर रहा है और बयान बदलने के लिए दबाव बना रहा है। गवाह ने धमकियों से मानसिक परेशानी का हवाला देते हुए सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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मामला मई 2018 का है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि दोनों पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई और गिरफ्तारी की धमकी देकर मामला रफा-दफा करने के लिए पांच हजार रुपये मांगे। शिकायत पर सीबीआई ने जाल बिछाकर सेवा सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। जांच में सुमित की भूमिका सामने आने पर उसे भी आरोपी बनाया गया। मामला विशेष अदालत में विचाराधीन है।
सीबीआई ने 21 जुलाई को दाखिल अर्जी में कहा कि जमानत पर रिहा होने के बाद दोनों आरोपी शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं। एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने एक व्यक्ति के माध्यम से मुख्य गवाह से संपर्क कराया और अपने पक्ष में गवाही देने का दबाव बनाया। सीबीआई ने इसे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश बताया है।
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गवाह ने भी अदालत में शिकायत देकर आरोप लगाया कि आरोपियों के कहने पर एक व्यक्ति लगातार उससे संपर्क कर रहा है और बयान बदलने के लिए दबाव बना रहा है। गवाह ने धमकियों से मानसिक परेशानी का हवाला देते हुए सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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मामला मई 2018 का है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि दोनों पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई और गिरफ्तारी की धमकी देकर मामला रफा-दफा करने के लिए पांच हजार रुपये मांगे। शिकायत पर सीबीआई ने जाल बिछाकर सेवा सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। जांच में सुमित की भूमिका सामने आने पर उसे भी आरोपी बनाया गया। मामला विशेष अदालत में विचाराधीन है।