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328 पावन स्वरूपों का मामला: एसआईटी ने 40 एसजीपीसी अधिकारियों को बुलाया, जत्थेदार ने जताया विरोध
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-कहा- जांच हो, लेकिन कर्मचारियों की मानसिक प्रताड़ना बर्दाश्त नहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पवित्र स्वरूपों के गायब होने के मामले में बनी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की ओर से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के 40 मौजूदा और रिटायर्ड अधिकारियों को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में पेश होने के लिए भेजे समन पर विवाद बढ़ गया है। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार व श्री हरिमंदिर साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों पर कथित मानसिक दबाव गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच तो होनी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो लेकिन किसी भी कर्मचारी की मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना बर्दाश्त नहीं है।ज्ञानी रघबीर सिंह ने यह भी कहा कि एसजीपीसी पूरी तरह से एसआईटी को सहयोग दे रही है और एसआईटी प्रमुख ने खुद इसकी पुष्टि की है। उनका कहना था कि मामला सिख समुदाय के लिए अत्यंत संवेदनशील है क्योंकि यह पवित्र स्वरूपों की गरिमा और रिकॉर्ड से जुड़ा है। ज्ञानी रघबीर सिंह ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि जांच निष्पक्ष रूप से हो, लेकिन मानवीय मूल्यों और कर्मचारियों की सुरक्षा को हमेशा ध्यान में रखा जाए।
पूर्व अकाउंटेंट सतिंदर सिंह कोहली की जमानत खारिज
इस बीच एसजीपीसी के पूर्व अकाउंटेंट सतिंदर सिंह कोहली की जमानत अदालत ने खारिज कर दी। शनिवार को एसआईटी के समक्ष पूर्व महासचिव सुखदेव सिंह भोर सहित पांच कर्मी पेश हुए, और उनके दस्तावेज़ व बयान दर्ज किए गए। उल्लेखनीय है कि 328 स्वरूप गायब होने के मामले में एसजीपीसी की तरफ से 16 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद सतिंदर सिंह कोहली को गिरफ्तार किया गया।
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अमृतसर। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पवित्र स्वरूपों के गायब होने के मामले में बनी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की ओर से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के 40 मौजूदा और रिटायर्ड अधिकारियों को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में पेश होने के लिए भेजे समन पर विवाद बढ़ गया है। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार व श्री हरिमंदिर साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों पर कथित मानसिक दबाव गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच तो होनी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो लेकिन किसी भी कर्मचारी की मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना बर्दाश्त नहीं है।ज्ञानी रघबीर सिंह ने यह भी कहा कि एसजीपीसी पूरी तरह से एसआईटी को सहयोग दे रही है और एसआईटी प्रमुख ने खुद इसकी पुष्टि की है। उनका कहना था कि मामला सिख समुदाय के लिए अत्यंत संवेदनशील है क्योंकि यह पवित्र स्वरूपों की गरिमा और रिकॉर्ड से जुड़ा है। ज्ञानी रघबीर सिंह ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि जांच निष्पक्ष रूप से हो, लेकिन मानवीय मूल्यों और कर्मचारियों की सुरक्षा को हमेशा ध्यान में रखा जाए।
पूर्व अकाउंटेंट सतिंदर सिंह कोहली की जमानत खारिज
इस बीच एसजीपीसी के पूर्व अकाउंटेंट सतिंदर सिंह कोहली की जमानत अदालत ने खारिज कर दी। शनिवार को एसआईटी के समक्ष पूर्व महासचिव सुखदेव सिंह भोर सहित पांच कर्मी पेश हुए, और उनके दस्तावेज़ व बयान दर्ज किए गए। उल्लेखनीय है कि 328 स्वरूप गायब होने के मामले में एसजीपीसी की तरफ से 16 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद सतिंदर सिंह कोहली को गिरफ्तार किया गया।
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