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लुधियाना में एनजीटी का सख्त संदेश: पर्यावरण नियमों का पालन समयबद्ध हो

Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jan 2026 09:01 PM IST
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NGT sends a strong message in Ludhiana: Environmental regulations must be followed in a timely manner.
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–जज अफरोज अहमद ने जिले के पर्यावरण प्लान की समीक्षा की; सभी विभागों को कार्रवाई के निर्देश
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सदस्य न्यायाधीश डॉ. अफरोज अहमद ने लुधियाना जिले के जिला पर्यावरण प्लान के निर्माण और कार्यान्वयन की व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में नगर निगम, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी), स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन, कचरे का पृथक्करण और प्रसंस्करण, घरेलू सीवेज प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की कार्यक्षमता, बायोमेडिकल वेस्ट, निर्माण व विध्वंस (सी एंड डी) कचरा प्रबंधन और उद्योगों के पर्यावरणीय अनुपालन की समीक्षा की गई। जज अफरोज ने विशेष रूप से डाइंग और इलेक्ट्रोप्लेटिंग उद्योगों के लिए स्थापित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) की प्रगति पर ध्यान दिया और अन्य गंभीर पर्यावरणीय मुद्दों पर अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
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बैठक में डंप साइटों पर पड़े लीगेसी वेस्ट (पुराना कचरा), उसकी बायो-रिमेडिएशन स्थिति और वैज्ञानिक निस्तारण कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई। जज ने समयबद्ध और परिणामोन्मुखी कार्यान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि ई-वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरणीय हॉटस्पॉट पर लक्षित योजना बनाई जाए।
बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अचानक निरीक्षण और उचित पृथक्करण, भंडारण, उपचार व निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में कम से कम 11% हरित क्षेत्र संरक्षित करने, खनन स्थलों के लिए पर्यावरण अनुमतियों का पालन अनिवार्य करने और सीएसआर/सीईआर फंड के प्रभावी उपयोग के लिए ठोस योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए।

कचरे का पृथक्करण अनिवार्य
एनजीटी ने स्पष्ट किया कि एसटीपी से उपचारित पानी का पुन: उपयोग, विशेषकर सिंचाई और गैर-पीने योग्य कार्यों में, किया जाए। उन्होंने कहा कि स्रोत पर कचरे का पृथक्करण अनिवार्य है और सभी विभागों को एनजीटी के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा। एनजीटी ने बैठक समाप्ति पर सभी विभागों को समन्वय और सतत प्रयासों से पर्यावरणीय नियमों के पालन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
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