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चंडीगढ़ निगम का फैसला: प्रॉपर्टी टैक्स बकाया होने पर भी मिलेगा फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, हजारों लोगों को राहत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Wed, 15 Apr 2026 11:07 AM IST
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सार
पहले फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करने के लिए प्रॉपर्टी टैक्स वेरिफिकेशन अनिवार्य था लेकिन 13 सितंबर 2019 को जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) में संशोधन करते हुए इस शर्त को हटा दिया गया है।
चंडीगढ़ नगर निगम
- फोटो : फाइल
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विस्तार
चंडीगढ़ नगर निगम ने शहर में फायर सेफ्टी व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए बड़ा फैसला लिया है। अब प्रॉपर्टी टैक्स बकाया होने के बावजूद फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करने या उसके नवीनीकरण पर रोक नहीं लगेगी। इस निर्णय से उन हजारों संपत्ति मालिकों को राहत मिलेगी जो टैक्स बकाया होने के कारण अब तक फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं कर पा रहे थे।
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. इंद्रजीत सिंह ने बताया कि पहले फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करने के लिए प्रॉपर्टी टैक्स वेरिफिकेशन अनिवार्य था लेकिन 13 सितंबर 2019 को जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) में संशोधन करते हुए इस शर्त को हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव का उद्देश्य भवनों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है, ताकि किसी भी स्थिति में फायर सेफ्टी मानकों से समझौता न हो।
उन्होंने कहा कि पहले कई मामलों में केवल टैक्स बकाया होने के कारण फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी नहीं हो पाता था, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ जाता था। अब इस बाधा को दूर कर दिया गया है, ताकि सभी इमारतों में समय पर फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र उपलब्ध हो सके। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार अब तक शहर में 87.91 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जा चुका है। वहीं बकाया टैक्स जमा कराने के लिए 31 मई तक की समय सीमा निर्धारित की गई है।
प्रशासन को उम्मीद है कि इस अवधि में अधिक से अधिक लोग अपना लंबित टैक्स जमा करेंगे। निगम ने टैक्सदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष छूट योजना भी लागू की है। इसके तहत 31 मई तक रिहायशी संपत्तियों का प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने पर 20 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। वहीं औद्योगिक, व्यावसायिक, सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों को 10 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलेगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से एक ओर फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट प्राप्त करना आसान होगा, वहीं दूसरी ओर लोग टैक्स जमा करने के लिए भी प्रेरित होंगे। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर उपलब्ध छूट का लाभ उठाएं और अपनी इमारतों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जन-धन की हानि से बचा जा सके।
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नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. इंद्रजीत सिंह ने बताया कि पहले फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करने के लिए प्रॉपर्टी टैक्स वेरिफिकेशन अनिवार्य था लेकिन 13 सितंबर 2019 को जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) में संशोधन करते हुए इस शर्त को हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव का उद्देश्य भवनों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है, ताकि किसी भी स्थिति में फायर सेफ्टी मानकों से समझौता न हो।
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उन्होंने कहा कि पहले कई मामलों में केवल टैक्स बकाया होने के कारण फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी नहीं हो पाता था, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ जाता था। अब इस बाधा को दूर कर दिया गया है, ताकि सभी इमारतों में समय पर फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र उपलब्ध हो सके। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार अब तक शहर में 87.91 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जा चुका है। वहीं बकाया टैक्स जमा कराने के लिए 31 मई तक की समय सीमा निर्धारित की गई है।
प्रशासन को उम्मीद है कि इस अवधि में अधिक से अधिक लोग अपना लंबित टैक्स जमा करेंगे। निगम ने टैक्सदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष छूट योजना भी लागू की है। इसके तहत 31 मई तक रिहायशी संपत्तियों का प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने पर 20 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। वहीं औद्योगिक, व्यावसायिक, सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों को 10 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलेगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से एक ओर फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट प्राप्त करना आसान होगा, वहीं दूसरी ओर लोग टैक्स जमा करने के लिए भी प्रेरित होंगे। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर उपलब्ध छूट का लाभ उठाएं और अपनी इमारतों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जन-धन की हानि से बचा जा सके।

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