चंडीगढ़ मेयर चुनाव: कांग्रेस और आप में गठजोड़ नहीं, मेयर समेत तीनों पदों के लिए उम्मीदवारों का किया एलान
चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं। एक मत सांसद का भी होता है। सांसद कांग्रेस के हैं। इस बार चुनाव हाथ उठाकर होगा।
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चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर पद के चुनाव के लिए आज शाम पांच बजे तक नामांकन दाखिल किए जाने हैं। कांग्रेस और आप के बीच गठबंधन नहीं हो पाया। दोनों दलों ने चुनाव अकेले लड़ने का एलान किया।
कांग्रेस ने मेयर पद के लिए गुरप्रीत गाबी, सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए सचिन गालव और डिप्टी मेयर पद के लिए निर्मला देवी को उम्मीदवार घोषित किया है। आप के पंजाब प्रभारी जरनैल सिंह ने भी तीनों पदों पर चुनाव लड़ने का एलान किया है।
वहीं आम आदमी पार्टी ने मेयर पद के लिए वार्ड न.25 के पार्षद योगेश ढींगरा, सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए वार्ड न .29 के मुन्नवर खान और डिप्टी मेयर पद के लिए वार्ड न.1 की पार्षद जसविंदर कौर को उम्मीदवार घोषित किया है। सभी उम्मीदवार शाम चार बजे निगम कार्यालय में अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
भाजपा प्रत्याशियों के चयन से पहले बुधवार देर शाम पार्टी कार्यालय में मेयर चुनाव के लिए नियुक्त चुनाव पर्यवेक्षक एवं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। बैठक में संगठनात्मक संतुलन, अनुभव, सार्वजनिक छवि और चुनावी संभावनाओं जैसे अहम पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। भाजपा की ओर से मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए पार्षद सौरभ जोशी, महेशइंद्र सिंह सिद्धू, कंवरजीत सिंह राणा और दिलीप शर्मा के नामों पर विचार किया गया। सूत्रों के अनुसार मेयर पद के लिए पूर्व मेयर अनूप गुप्ता और मौजूदा मेयर हरप्रीत कौर बबला के नाम भी चर्चा में रहे।
विनोद तावड़े ने संभावित दावेदारों से अलग-अलग मुलाकात कर उनकी कार्यशैली, जनसंपर्क और नेतृत्व क्षमता का आकलन किया। इसके बाद उन्होंने देर रात अपनी रिपोर्ट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी हाईकमान के समक्ष रख दी। सूत्रों की मानें तो वीरवार सुबह पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में अंतिम नामों पर मुहर लगेगी। खास बात यह है कि नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह पहला चंडीगढ़ मेयर चुनाव है जिसे भाजपा प्रतिष्ठा के सवाल के रूप में देख रही है।
पुलिस सुरक्षा में आप पार्षद पंजाब रवाना
मेयर चुनाव 29 जनवरी को होना है। आप और कांग्रेस गठबंधन और भाजपा दोनों बराबर संख्या के साथ हैं। जीतने के लिए 19 पार्षदों का मत चाहिए। इस बार चुनाव गुप्त मतदान के जरिये नहीं होना है। ऐसे में अपने अपने पार्षदों को बचाने में पार्टियां लगी हैं। आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने बुधवार देर शाम पंजाब का रुख कर लिया। ऐसा इसलिए किया कि कहीं एक दो और पार्षद टूट न जाएं। दोनों ओर से बराबर की तैयारी की जा रही है। हालांकि, पार्षद रामचंद्र देर रात तक गढ़शंकर नहीं पहुंचे, जिससे शहर में उनकी नाराजगी की चर्चाएं तेज हो गईं। इससे पहले भी उनके असंतोष की बातें सामने आती रही हैं। इस पर रामचंद्र ने सफाई देते हुए कहा कि जरूरी काम के कारण उन्हें रुकना पड़ा है और वे बाद में गढ़शंकर पहुंच जाएंगे।
जानकारी के अनुसार आप के पार्षदों को अलग अलग वाहनों से पंजाब के रोपड़ के किक्कर ताल ले जाया गया है। सभी पार्षद पुलिस सुरक्षा में गए हैं।