IDFC Bank Fraud: 590 करोड़ की धोखाधड़ी की जांच अब हरियाणा पुलिस करेगी, लेयर-5 तक पहुंची फ्राॅड की रकम
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा सेक्टर-32 चंडीगढ़ में होने के कारण शुरुआत में शिकायत चंडीगढ़ पुलिस के पास पहुंची थी। वीरवार को शिकायत भी हरियाणा पुलिस को ट्रांसफर कर दी गई।
विस्तार
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ की धोखाधड़ी की जांच हरियाणा पुलिस करेगी। चंडीगढ़ पुलिस ने सभी शिकायतें हरियाणा पुलिस को ट्रांसफर कर दी हैं। बैंक की ओर से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग (एनसीआरपी) पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायत जो पहले चंडीगढ़ साइबर क्राइम के पास पहुंची थी, अब जांच के लिए हरियाणा पुलिस को ट्रांसफर कर दी गई है।
बैंक शाखा सेक्टर-32 चंडीगढ़ में होने के कारण शुरुआत में शिकायत चंडीगढ़ पुलिस के पास पहुंची थी। वीरवार को शिकायत भी हरियाणा पुलिस को ट्रांसफर कर दी गई। बैंक खाते फ्रीज होने की शिकायतें लेकर कारोबारी अब भी चंडीगढ़ साइबर क्राइम थाने पहुंच रहे हैं। चंडीगढ़ साइबर क्राइम ने सभी शिकायतकर्ताओं को हरियाणा पुलिस से संपर्क करने के लिए कहा है।
ज्वेलर और कारोबारी रडार पर
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में कई बड़े ज्वेलरों और कारोबारियों के नाम भी सामने आए हैं। इनके खातों में मोटी रकम ट्रांसफर हुई है। लेयर 1 से लेयर पांच तक कई जगह कैश और चेक के माध्यम से मोटी रकम निकाली जा चुकी है। अब जांच एजेंसियां इन बिंदुओं पर फोकस कर रही हैं कि लेयर-1 के मूल खाते किनके थे? किस स्तर पर कैश या चेक के जरिए सबसे ज्यादा पैसे के निकासी की गई है।
लेयरिंग सिस्टम से लेयर-5 तक पहुंची रकम
धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस और जांच एजेंसियां यह देखने के लिए कि पैसा किन-किन खातों से होकर गुजरा है, उसे लेयर सिस्टम में बांटती हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि 590 करोड़ रुपये की रकम लेयरिंग सिस्टम के जरिए लेयर-5 तक पहुंच चुकी है। यानी पैसा एक खाते से दूसरे, फिर तीसरे और इस तरह कई चरणों में घूमते हुए हजारों खातों में ट्रांसफर किया गया। अब तक लगभग 2 हजार खाते जांच के दायरे में आ चुके हैं।
लेयर-1 : ये वे लोग होते हैं जिनके खाते में सबसे पहले सीधे धोखाधड़ी का पैसा आया। हरियाणा सरकार के खातों से शुरुआत में रकम कुछ चुनिंदा खातों में डाली गई।
लेयर-2 : लेयर 1 में जिन लोगों को पैसा मिला, अगर उन्होंने वह पैसा आगे किसी और को भेजा तो वह इस श्रेणी में आएंगे। इस धोखाधड़ी में वहां से अलग-अलग दर्जनों खातों में पैसा भेजा गया।
लेयर-3 और 4 : अगर लेयर 2 वाले लोगों ने पैसा आगे ट्रांसफर किया, तो जिनके खाते में पैसा गया वे लेयर 3 में आ जाते हैं। यदि लेयर 3 में 400 से अधिक खातों में पैसा जाता है वे लेयर 4 में आएंगे। इस श्रेणी में सैकड़ों खातों में रकम पहुंची है।
लेयर-5 : अगर लेयर 4 से आगे 1600 लोगों के खातों में पैसा जाता है तो वे लेयर 5 हो आएंगे। इस धोखाधड़ी में करीब डेढ़ हजार से अधिक खातों तक पैसा गया है।