{"_id":"69d344e160d5d7e7e8041c09","slug":"pgi-study-4d-ct-makes-diagnosing-respiratory-diseases-in-children-easier-2026-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीजीआई का अध्ययन: अब दर्द न बेहोशी, 4डी सीटी से बच्चों में सांस की बीमारी की जांच हुई आसान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
पीजीआई का अध्ययन: अब दर्द न बेहोशी, 4डी सीटी से बच्चों में सांस की बीमारी की जांच हुई आसान
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Mon, 06 Apr 2026 04:01 PM IST
विज्ञापन
सार
पीजीआई के विशेषज्ञों द्वारा किए गए एक पायलट अध्ययन में 4डी डायनामिक एयरवे सीटी को ऐसी आधुनिक तकनीक बताया गया है जिससे बिना दर्द और बिना बेहोशी के बच्चों की सांस की नली की विस्तृत जांच संभव हो सकती है।
child
- फोटो : संवाद
विज्ञापन
विस्तार
बच्चों में सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना (स्ट्राइडर) जहां अभिभावकों के लिए चिंता का कारण होता है, वहीं इसकी सही वजह तक पहुंचना डॉक्टरों के लिए भी अब तक चुनौतीपूर्ण रहा है।
पारंपरिक तौर पर इसके लिए फाइबरऑप्टिक ब्रोंकोस्कोपी जैसी इनवेसिव जांच करनी पड़ती थी जिसमें बच्चों को बेहोशी या सिडेशन देना जरूरी होता है और प्रक्रिया भी जटिल मानी जाती है। अब इस दिशा में नई उम्मीद सामने आई है। पीजीआई के विशेषज्ञों द्वारा किए गए एक पायलट अध्ययन में 4डी डायनामिक एयरवे सीटी को ऐसी आधुनिक तकनीक बताया गया है जिससे बिना दर्द और बिना बेहोशी के बच्चों की सांस की नली की विस्तृत जांच संभव हो सकती है। यह शोध द इंडियन जर्नल ऑफ पीडियाट्रिक में वर्ष 2025 में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में डॉ. शुभम सैनी, डॉ. अनमोल भाटिया, डॉ. जोसेफ एल मैथ्यू, डॉ. मीनू सिंह, डॉ. अक्षय कुमार सक्सेना और डॉ. कुशलजीत सोढ़ी सहित विशेषज्ञों की टीम शामिल रही।
उम्र: 13 दिन से डेढ़ वर्ष
समस्या: स्ट्राइडर (सांस में सीटी जैसी आवाज)
तकनीक: 4डी डायनामिक एयरवे सीटी बनाम ब्रोंकोस्कोपी
-ट्रेकियोमलेशिया व ब्रोंकोमलेशिया में 100% स्पेसिफिसिटी
-लैरिंगोमलेशिया में 94% से अधिक सेंसिटिविटी
-लो-डोज तकनीक, रेडिएशन का कम खतरा
Trending Videos
पारंपरिक तौर पर इसके लिए फाइबरऑप्टिक ब्रोंकोस्कोपी जैसी इनवेसिव जांच करनी पड़ती थी जिसमें बच्चों को बेहोशी या सिडेशन देना जरूरी होता है और प्रक्रिया भी जटिल मानी जाती है। अब इस दिशा में नई उम्मीद सामने आई है। पीजीआई के विशेषज्ञों द्वारा किए गए एक पायलट अध्ययन में 4डी डायनामिक एयरवे सीटी को ऐसी आधुनिक तकनीक बताया गया है जिससे बिना दर्द और बिना बेहोशी के बच्चों की सांस की नली की विस्तृत जांच संभव हो सकती है। यह शोध द इंडियन जर्नल ऑफ पीडियाट्रिक में वर्ष 2025 में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में डॉ. शुभम सैनी, डॉ. अनमोल भाटिया, डॉ. जोसेफ एल मैथ्यू, डॉ. मीनू सिंह, डॉ. अक्षय कुमार सक्सेना और डॉ. कुशलजीत सोढ़ी सहित विशेषज्ञों की टीम शामिल रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक नजर में स्टडी
कुल बच्चे: 24उम्र: 13 दिन से डेढ़ वर्ष
समस्या: स्ट्राइडर (सांस में सीटी जैसी आवाज)
तकनीक: 4डी डायनामिक एयरवे सीटी बनाम ब्रोंकोस्कोपी
95% तक सटीकता, जोखिम बेहद कम
-लैरिंगोमलेशिया, ट्रेकियोमलेशिया, ब्रोंकोमलेशिया की पहचान में 91–95% सटीकता-ट्रेकियोमलेशिया व ब्रोंकोमलेशिया में 100% स्पेसिफिसिटी
-लैरिंगोमलेशिया में 94% से अधिक सेंसिटिविटी
-लो-डोज तकनीक, रेडिएशन का कम खतरा