चंडीगढ़ : 18 माह में हटना था कचरे का पहाड़, एक साल में 70 टन ही हटा पाई कंपनी
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चंडीगढ़ में कचरे का पहाड़ अभी खत्म होता नहीं दिख रहा। डड्डूमाजरा स्थित कचरे का पहाड़ 18 माह में खत्म किया जाना था लेकिन 365 दिनों में मात्र 70 मीट्रिक टन कचरा ही निस्तारित हो सका है। अब भी डंपिग ग्राउंड में 430 मीट्रिक टन कचरा पड़ा हुआ है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि अगले वर्ष दिसंबर तक काम पूरा हो सकेगा। काम की गति यही रही तो यह काम अगले साल तक भी पूरा होता नहीं दिख रहा है।
21 दिसंबर 2019 का दिन डड्डूमाजरा के लोगों के लिए जैसे एक नई आजादी लेकर आया था। चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, सांसद किरण खेर और तत्कालीन महापौर राजेश कालिया ने कचरे का पहाड़ हटाने के लिए मशीनों का उद्घाटन किया था। इस दौरान स्मार्ट सिटी के अधिकारियों और प्रशासक ने दावा किया था कि 18 माह में कचरे का पहाड़ हटाकर वहां 25 एकड़ भूमि को मुक्त कराया जाएगा। समय बीतता गया, लेकिन काम की गति नहीं बढ़ी।
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हालात यह हैं कि अब तक मात्र 70 टन कचरा ही निस्तारित हो सका है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि नमी के कारण सर्दियों में कचरा निस्तारित नहीं हो सका। उसके बाद कोरोना काल में लेबर नहीं मिली। इस कारण काम पिछड़ गया। मई 2021 में पूरा होने वाला काम अब दिसंबर तक पूरा होगा। 500 मीट्रिक टन कचरा हटाने के लिए स्मार्ट सिटी ने 33.98 करोड़ में टेंडर किया है।
स्मार्ट सिटी ने 35 लाख का लगाया जुर्माना
हालांकि काम की धीमी गति को देखकर स्मार्ट सिटी ने कंपनी पर अनुबंध के अनुसार 35 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कंपनी की ओर से दलील दी गई है कि कोरोना काल मे कर्मचारी नहीं मिले, इस कारण कचरा तेजी से निस्तारित नहीं हो सका था। अब जुर्माना माफ करना है या लेना है इसका निर्णय बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में होगा।
एनजीटी के निर्देश पर लगेंगी तीन और मशीनें
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से गठित कमेटी ने हाल ही में इस प्लांट का निरीक्षण किया था। इस दौरान कमेटी ने भी कंपनी के काम से नाराजगी जताई थी। उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से अतिरिक्त मशीन लगाकर कचरा निस्तारण की बात कही थी। कमेटी के निर्देश पर कंपनी अब मशीनों की संख्या 2 से बढ़ाकर 5 करने जा रही है ताकि जल्द से जल्द कचरे का निस्तारण हो सके।
न सांसद देखने आईं और न प्रशासक ने पूछा
प्लांट के उद्घाटन के दौरान प्रशासक ने कहा था कि सांसद किरण खेर हर 15 दिन में निरीक्षण करने आएंगी। इसके अलावा वह खुद हर महीने प्लांट का निरीक्षण करेंगे ताकि पता चल सके कि कंपनी किस तरह से काम कर रही है और कितनी तेजी से कचरा निस्तारित हो रहा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि न सांसद ने कभी इस ओर मुड़कर देखा और न प्रशासक ने इसकी रिपोर्ट ली है। तभी कंपनी आराम से काम कर रही है।
25 हजार मीट्रिक टन कचरा डाला जा रहा डंपिंग ग्राउंड में
सेक्टर-25 स्थित कचरा निस्तारण प्लांट में पड़ा 25 हजार मीट्रिक टन कचरा भी डंपिग ग्राउंड पर डाला जा रहा है। निगम ने अपील की तो अतिरिक्त राशि देकर इस कचरे को भी कंपनी को निस्तारित करना होगा इसलिए कंपनी को इसके लिए भी तैयारी करनी होगी।
एक साल में कम नहीं हुआ कचरे का पहाड़ : दयाल कृष्ण
डंपिग ग्राउंड ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष दयाल कृष्ण का कहना है कि शहर भर का कचरा यहीं आ रहा है। जितना कचरा निस्तारित होता है, उतना फिर डंपिंग ग्राउंड पर फेंक दिया जाता है। ऐसे में यह समस्या कैसे कम होगी। कचरा निस्तारण के बाद मिट्टी भी दीवार के साथ बराबर से गिराई जा रही है। बारिश में लीचैट दीवार के ऊपर से सड़कों तक आ जाएगा।
कंपनी पर जुर्माना लगाया है। साथ ही कंपनी के अधिकारियों को काम में तेजी लाने को कहा है ताकि लोगों को जल्द इस समस्या से निजात मिल सके। हमारी कोशिश है कि मशीनें बढ़ने के बाद काम में तेजी आएगी। - केके यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी