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Civic Polls 2026: चुनाव में कांग्रेस की अग्निपरीक्षा, संगठन और नेतृत्व पर टिकी उम्मीदें; वापसी बड़ी चुनौती
कुलदीप शुक्ला, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Sharukh Khan
Updated Tue, 14 Apr 2026 04:20 PM IST
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सार
पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगमों में फिलहाल भाजपा के मेयर काबिज हैं। इन सीटों पर कांग्रेस के सामने वापसी की चुनौती है। पंचकूला और सोनीपत में पहले कांग्रेस का कब्जा रह चुका है। कांग्रेस इस बार तीनों निगमों में पूरी ताकत के साथ उतरने की तैयारी में है।
भूपेंद्र हुड्डा, पूर्व सीएम
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हरियाणा में निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सामने बड़ी सियासी परीक्षा खड़ी हो गई है। तीन नगर निगम, तीन नगर पालिका और एक नगर परिषद के चुनाव पार्टी के लिए सिर्फ सीटें जीतने का अवसर नहीं, बल्कि संगठन की एकजुटता, नेतृत्व की क्षमता और जनता का भरोसा फिर से हासिल करने की कसौटी भी हैं।
राव नरेंद्र सिंह के लिए प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद यह पहला बड़ा स्थानीय चुनाव होगा। ऐसे में पार्टी की रणनीति, टिकट वितरण और चुनावी समन्वय उनकी नेतृत्व क्षमता की सीधी परीक्षा माने जा रहे हैं।
कांग्रेस का दावा है कि संगठन विस्तार, नए पदाधिकारियों की नियुक्ति और नेता प्रतिपक्ष मिलने के बाद पार्टी पहले से अधिक मजबूत स्थिति में है। हालांकि, हालिया राज्यसभा चुनाव में पांच विधायकों पर लगे क्रॉस वोटिंग के आरोपों ने पार्टी की अंदरूनी खींचतान को उजागर कर दिया है।
इससे हाईकमान से लेकर प्रदेश नेतृत्व तक तालमेल बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसे में निकाय चुनाव कांग्रेस के लिए संगठनात्मक मजबूती साबित करने का अहम मौका होंगे।
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राव नरेंद्र सिंह के लिए प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद यह पहला बड़ा स्थानीय चुनाव होगा। ऐसे में पार्टी की रणनीति, टिकट वितरण और चुनावी समन्वय उनकी नेतृत्व क्षमता की सीधी परीक्षा माने जा रहे हैं।
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कांग्रेस का दावा है कि संगठन विस्तार, नए पदाधिकारियों की नियुक्ति और नेता प्रतिपक्ष मिलने के बाद पार्टी पहले से अधिक मजबूत स्थिति में है। हालांकि, हालिया राज्यसभा चुनाव में पांच विधायकों पर लगे क्रॉस वोटिंग के आरोपों ने पार्टी की अंदरूनी खींचतान को उजागर कर दिया है।
इससे हाईकमान से लेकर प्रदेश नेतृत्व तक तालमेल बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसे में निकाय चुनाव कांग्रेस के लिए संगठनात्मक मजबूती साबित करने का अहम मौका होंगे।
तीनों नगर निगम में वापसी की चुनौती
पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगमों में फिलहाल भाजपा के मेयर काबिज हैं। इन सीटों पर कांग्रेस के सामने वापसी की चुनौती है। पंचकूला और सोनीपत में पहले कांग्रेस का कब्जा रह चुका है। अंबाला में पहले निर्दलीय शक्ति रानी शर्मा मेयर थीं, बाद में विधायक बनने के बाद उपचुनाव में भाजपा ने पहली बार जीत दर्ज की। कांग्रेस इस बार तीनों निगमों में पूरी ताकत के साथ उतरने की तैयारी में है।
पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगमों में फिलहाल भाजपा के मेयर काबिज हैं। इन सीटों पर कांग्रेस के सामने वापसी की चुनौती है। पंचकूला और सोनीपत में पहले कांग्रेस का कब्जा रह चुका है। अंबाला में पहले निर्दलीय शक्ति रानी शर्मा मेयर थीं, बाद में विधायक बनने के बाद उपचुनाव में भाजपा ने पहली बार जीत दर्ज की। कांग्रेस इस बार तीनों निगमों में पूरी ताकत के साथ उतरने की तैयारी में है।
घोषणापत्र समिति का गठन
निकाय चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने घोषणापत्र समिति का गठन कर दिया है। इसका मकसद जनता से सीधे सुझाव लेकर स्थानीय जरूरतों पर आधारित वादों का दस्तावेज तैयार करना है। समिति की अध्यक्ष गीता भुक्कल को बनाया गया है। समिति में आफताब अहमद, बीबी बतरा, जितेंद्र कुमार भारद्वाज, जसबीर मलौर, संजीव भारद्वाज, तरुण चुघ, सतीश तेजली और जयवीर अंतिल को सदस्य बनाया गया है। यह टीम अलग-अलग शहरों और कस्बों में जाकर लोगों से सुझाव लेगी।
निकाय चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने घोषणापत्र समिति का गठन कर दिया है। इसका मकसद जनता से सीधे सुझाव लेकर स्थानीय जरूरतों पर आधारित वादों का दस्तावेज तैयार करना है। समिति की अध्यक्ष गीता भुक्कल को बनाया गया है। समिति में आफताब अहमद, बीबी बतरा, जितेंद्र कुमार भारद्वाज, जसबीर मलौर, संजीव भारद्वाज, तरुण चुघ, सतीश तेजली और जयवीर अंतिल को सदस्य बनाया गया है। यह टीम अलग-अलग शहरों और कस्बों में जाकर लोगों से सुझाव लेगी।
उम्मीदवारों की सूची लगभग तैयार
हरियाणा कांग्रेस ने करीब दो माह पहले निकाय चुनाव के लिए आवेदन मांगे थे। मेयर पद के लिए कुल 21 आवेदन मिले। पंचकूला से 11, सोनीपत से 6, अंबाला से 4, पार्षद पद के लिए 490 से अधिक आवेदन आए। इनमें क्रमश: 250 से ज्यादा, 140 से ज्यादा और 100 से ज्यादा आवेदन आए थे।
हरियाणा कांग्रेस ने करीब दो माह पहले निकाय चुनाव के लिए आवेदन मांगे थे। मेयर पद के लिए कुल 21 आवेदन मिले। पंचकूला से 11, सोनीपत से 6, अंबाला से 4, पार्षद पद के लिए 490 से अधिक आवेदन आए। इनमें क्रमश: 250 से ज्यादा, 140 से ज्यादा और 100 से ज्यादा आवेदन आए थे।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी आवेदन छांटकर दो-दो नाम हाईकमान को भेज चुकी है। अब जल्द चुनाव समिति की बैठक के बाद उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है। कांग्रेस नेतृत्व का दावा है कि इस बार स्थानीय मुद्दों, संगठनात्मक मजबूती और जनसंपर्क के दम पर पार्टी निकाय चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
