चंडीगढ़ में बत्ती गुल: मनीष तिवारी बोले- प्रशासन फेल, गृह मंत्रालय करे हस्तक्षेप, किरण खेर पर भड़के लोग
सोशल मीडिया पर चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर को लोगों ने खूब कोसा। कहा कि शहर में लोग पूरे दिन परेशान होते रहे लेकिन सांसद किरण खेर की तरफ से कोई बयान नहीं जारी किया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से 36 घंटे से शहर के कई इलाकों में बिजली-पानी नहीं है। अब पंजाब के आनंदपुर साहिब से सांसद मनीष तिवारी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हस्तक्षेप करने की अपील की है। तिवारी के अलावा बिंदु दारा सिंह व अन्य कई लोगों ने भी चंडीगढ़ के बिजली संकट को लेकर ट्वीट किया है। बुधवार को चंडीगढ़ ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है।
मनीष तिवारी ने ट्विटर पर अमित शाह को टैग कर लिखा है कि चंडीगढ़ में पिछले 36 घंटे से बिजली नहीं है। अराजकता फैली हुई है। सभी आवश्यक सेवाएं ठप हैं। चंडीगढ़ प्रशासन स्थिति से निपटने में बुरी तरह विफल रहा है। चंडीगढ़ एक केंद्र शासित प्रदेश है, इसलिए मंत्रालय को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए।
बिंदु दारा सिंह ने लिखा कि चंडीगढ़ में बिजली नहीं है। हड़ताल पर गए कर्मचारियों ने लोगों का भरोसा गंवा दिया है। आगे लिखा कि उम्मीद है कि इस हरकत की वजह से कहीं वो अपनी नौकरी न गंवा दें। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर के कई पत्रकारों ने भी बिजली समस्या को लेकर सोशल मीडिया पर आवाज उठाई है। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से लोगों को आ रहीं समस्याओं पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी है।
सांसद किरण खेर पर लोग भड़के, बोले- सांसद शो करने में व्यस्त
सोशल मीडिया पर चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर को लोगों ने खूब कोसा। कहा कि शहर में लोग पूरे दिन परेशान होते रहे लेकिन सांसद किरण खेर की तरफ से कोई बयान नहीं जारी किया गया। कई लोगों ने लिखा कि सांसद किरण खेर इंडिया गॉट टैलेंट शो को करने में व्यस्त हैं। उन्हें शहरवासियों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है।
उनका कहना है कि सांसद शहर में नहीं है, इसलिए अधिकारी भी बेलगाम है। खेर सिर्फ वोट लेने चंडीगढ़ आती हैं, जब लोगों को उनकी जरूरत होती है तो वो कहीं नजर नहीं आती। कुछ ने कहा कि लोग पूरे दिन बिना बिजली के तड़पते रहे और अधिकारी कोई ठोस फैसला लेने के बजाय एसी के कमरों में आराम से बैठे रहे। किसी ने कहा कि सभी हड़ताली कर्मियों को बर्खास्त कर नई भर्ती करनी चाहिए तो किसी ने कहा कि निजीकरण से बचने के लिए ये दुख सह लेंगे।
किसी ने हड़ताल को बताया ठीक, तो किसी ने कहा इन पर दर्ज को एफआईआर
शहर के भारत भूषण पुरी ने कहा कि कर्मचारियों ने बिजली जानबूझ कर बंद की है। चंडीगढ़ में इमरजेंसी जैसी स्थिति है। शहर में बिजली को बहाल करने के लिए सेना को बुलाना चाहिए। जो कर्मचारी जिम्मेदार है, उन पर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने लिखा है कि जम्मू में भी बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी थी तो स्थानीय प्रशासन ने सेना की मदद ली थी। वहीं, कई लोग ऐसे भी थे कि जो पूर्ण रूप से हड़ताली कर्मचारियों से साथ खड़े रहे। सुनील कुमार ने लिखा कि प्रशासन लाभ वाले विभाग को बेच रहा है, ये बेहद गलत है। इसलिए अभी कर्मचारियों की हड़ताल ठीक है। ये अस्थायी समस्या है लेकिन एक बार निजीकरण हो गया तो लोगों को पूरी जिंदगी परेशान होना पड़ेगा।