चंडीगढ़: सांसद से लेकर प्रशासक तक ने दी सहमति, पर पांच साल में भी नहीं बना मजदूर भवन
आठ अक्तूबर 2021 को प्रशासक ने समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष के साथ इस मामले पर चर्चा की और प्रस्ताव की सराहना की। निर्णय लिया गया कि श्रम विभाग चंडीगढ़ की तरफ से प्रशासक के सलाहकार की अध्यक्षता में अन्य संबंधित विभागों के साथ बैठक बुलाई जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ में एक लाख से ज्यादा मजदूर हैं जो शहर के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। इनके लिए पूर्व सांसद से लेकर वर्तमान सांसद और प्रशासक तक मजदूर भवन बनाने पर सहमति जता चुके हैं लेकिन अधिकारी अब तक योजना तक नहीं बना सके। सांसद किरण खेर ने 2017 में मजदूर भवन की मांग उठाई थी, जिसे पूर्व सांसद सत्यपाल जैन ने 2021 में दोहराया लेकिन अब तक न जगह तय हुई और न ही कोई ठोस काम हुआ। सिर्फ चर्चाएं ही चलीं।
पूर्व सांसद सत्यपाल जैन ने फरवरी 2021 को हुई यूटी प्रशासक की सलाहकार परिषद की बैठक में मजदूर भवन बनाने का सुझाव रखा था। कहा था कि चंडीगढ़ में लगभग एक लाख मजदूर रहते हैं लेकिन उनके लिए ऐसा एक भी भवन नहीं है जहां वे अपने समारोह और विवाह आदि कार्यक्रमों का आयोजन कर सकें।
मजदूर भवन में कुछ कमरे, बड़ा हॉल, कैंटीन आदि की सुविधा भी होनी चाहिए। जैन सलाहकार परिषद की समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने सुझाव दिया था कि लेबर चौक और लेबर कॉलोनी नंबर-5 के पास कुछ जमीन खाली है, जिसका उपयोग मजदूर व श्रम भवन की स्थापना के लिए किया जा सकता है। इस पर प्रशासन की तरफ से कहा गया था कि मामला नगर निगम और श्रम विभाग से संबंधित है।
आठ अक्तूबर 2021 को प्रशासक ने समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष के साथ इस मामले पर चर्चा की और प्रस्ताव की सराहना की। निर्णय लिया गया कि श्रम विभाग चंडीगढ़ की तरफ से प्रशासक के सलाहकार की अध्यक्षता में अन्य संबंधित विभागों के साथ बैठक बुलाई जाएगी।
सेक्टर-26 में है श्रम हॉस्टल लेकिन उसका मालिक कौन है, प्रशासन को भी मालूम नहीं
मजदूरों के लिए भवन की मांग उठी तो 26 अप्रैल 2021 नगर निगम की तरफ से बताया गया कि सेक्टर-26 में एक लेबर हॉस्टल है हालांकि उसकी हालत बहुत खराब है। इस हॉस्टल की जिम्मेदारी किसके पास है, ये पता लगाने के लिए यूटी प्रशासन के चीफ आर्किटेक्ट दफ्तर को पत्र लिखा गया। वहां से कुछ दिनों बाद जवाब मिला कि उस भवन का संरक्षक कौन है, इसकी उनके पास कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि यह लेबर हॉस्टल सेक्टर-26 के ट्रांसपोर्ट एरिया के पास है और बहुत ही जर्जर स्थिति में है।
वर्ष 2017 में सांसद किरण खेर ने भी सलाहकार को लिखा था पत्र
सांसद किरण खेर ने वर्ष 2017 में मजदूर भवन के निर्माण के लिए तत्कालीन प्रशासक के सलाहकार परिमल राय को पत्र लिखा था। वह 2017 में सेक्टर-44 के लेबर चौक पर लोहड़ी सेलिब्रेशन कार्यक्रम में पहुंची थीं, जहां मजदूरों ने उनके सामने मजदूर भवन की मांग रखी थी। इसके बाद खेर ने पत्र लिखा और कहा कि शहर के मजदूरों के लिए एक ऐसी जगह होनी चाहिए, जहां वो बैठक कर सकें या शादी समेत अन्य कार्यक्रमों का आयोजन कर सकें।
बैठकें व चर्चा चल रही है: एएलओ
प्रशासक के सलाहकार के साथ श्रम विभाग की बैठक हुई और सलाहकार ने दोनों स्थानों की जांच करने के निर्देश दिए, जिसका सुझाव दिया गया था। शहर के असिस्टेंट लेबर कमिश्नर (एएलओ) वरुण बेनीवाल ने बताया कि कालोनी नंबर-5 में जिस खाली जमीन का जिक्र किया गया था, जिसे देने से मना कर दिया गया क्योंकि वह कामर्शियल साइट है। बताया कि सेक्टर-26 में लेबर हॉस्टल है। विभाग ने उसका दौरा किया है लेकिन अभी मजदूर भवन के लिए कोई जगह तय नहीं हुई। हालांकि बैठकें चल रही हैं।