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सांसद खेर ने की वर्चुअल बैठक, संपत्ति से जुड़े नियमों को आसान बनाने पर चर्चा
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चंडीगढ़। सांसद किरण खेर ने वीरवार को एस्टेट ऑफिस के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। बैठक में संपत्ति से जुड़े विभिन्न नियमों को आसान बनाने पर चर्चा की गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित की गई इस विशेष कमेटी की ये पहली बैठक थी, इसलिए कोई ठोस फैसला नहीं हुआ लेकिन अगले माह दो और बैठकें की जाएंगी। इसके बाद प्रशासक को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
बैठक में संपत्ति से जुड़े मामले जैसे, म्यूटेशन की मंजूरी, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी करने, नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) व लोगों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा की गई। इसके अलावा सोसाइटी फ्लैटों और अन्य संपत्तियों को स्थानांतरित करने के लिए अनर्जित लाभ का मुद्दा, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा जीएसटी वसूलने और जीपीए धारकों के मामले में फ्लैटों के हस्तांतरण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को ये सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि लोगों के काम जल्दी हों। विभागों के कार्यों में स्पष्टता हो, इसे लेकर भी अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने सांसद खेर को एस्टेट ऑफिस के डिजिटलाइजेशन को लेकर जानकारी दी और इस पर एक प्रस्तुति भी दी गई।
अब एक और नौ नवंबर को होगी बैठक
कमेटी की अगली बैठक एक नवंबर को होगी और उसके बाद नौ नवंबर को दूसरी बैठक होगी। इसके बाद आखिरी रिपोर्ट तैयार करके प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को सौंपी जाएगी। विभाग की सभी सेवाओं को आसान बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस कमेटी का गठन किया गया है। 11 सदस्यीय इस समिति में चंडीगढ़ के मेयर रविकांत शर्मा, डिप्टी कमिश्नर मनदीप सिंह बराड़, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग, चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया, सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सचिव आरके पोपली, असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर, नगर निगम एस्टेट ऑफिसर, फाइनेंस एंड प्लानिंग ऑफिसर और पार्षद अरुण सूद शामिल हैं।
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बैठक में संपत्ति से जुड़े मामले जैसे, म्यूटेशन की मंजूरी, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी करने, नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) व लोगों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा की गई। इसके अलावा सोसाइटी फ्लैटों और अन्य संपत्तियों को स्थानांतरित करने के लिए अनर्जित लाभ का मुद्दा, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा जीएसटी वसूलने और जीपीए धारकों के मामले में फ्लैटों के हस्तांतरण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को ये सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि लोगों के काम जल्दी हों। विभागों के कार्यों में स्पष्टता हो, इसे लेकर भी अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने सांसद खेर को एस्टेट ऑफिस के डिजिटलाइजेशन को लेकर जानकारी दी और इस पर एक प्रस्तुति भी दी गई।
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अब एक और नौ नवंबर को होगी बैठक
कमेटी की अगली बैठक एक नवंबर को होगी और उसके बाद नौ नवंबर को दूसरी बैठक होगी। इसके बाद आखिरी रिपोर्ट तैयार करके प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को सौंपी जाएगी। विभाग की सभी सेवाओं को आसान बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस कमेटी का गठन किया गया है। 11 सदस्यीय इस समिति में चंडीगढ़ के मेयर रविकांत शर्मा, डिप्टी कमिश्नर मनदीप सिंह बराड़, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग, चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया, सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सचिव आरके पोपली, असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर, नगर निगम एस्टेट ऑफिसर, फाइनेंस एंड प्लानिंग ऑफिसर और पार्षद अरुण सूद शामिल हैं।
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