Highcourt: ईडी गिरफ्तारी मामले में मंत्री संजीव अरोड़ा को राहत नहीं, हरभजन सिंह की सुरक्षा पर सरकार को फटकार
संजीव अरोड़ा ने अपनी याचिका में 9 मई को धन शोधन अधिनियम के तहत हुई गिरफ्तारी को अवैध, असांविधानिक, मनमानी और अधिकार क्षेत्र से परे करार देते हुए तत्काल रिहाई की मांग की है।
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राजनीतिक प्रतिशोध के तहत निशाना बनाने की दलीलों के बावजूद मंत्री संजीव अरोड़ा को ईडी गिरफ्तारी और रिमांड आदेश के मामले में हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिल पाई। अरोड़ा ने भाजपा नेताओं या अन्य जनप्रतिनिधियों की तर्ज पर संरक्षण देने की मांग की थी और अवैध गिरफ्तारी से राहत मांगी थी।
संजीव अरोड़ा ने अपनी याचिका में 9 मई को धन शोधन अधिनियम के तहत हुई गिरफ्तारी को अवैध, असांविधानिक, मनमानी और अधिकार क्षेत्र से परे करार देते हुए तत्काल रिहाई की मांग की है। पीएमएलए अदालत के 16 मई तक ईडी हिरासत में भेजने के आदेश को भी चुनौती दी है।
याचिका में कहा गया कि गिरफ्तारी भारतीय संविधान के तहत उपलब्ध अनिवार्य सुरक्षा प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए की गई। पूरी कार्रवाई पूर्वनियोजित, कानून की स्थापित प्रक्रिया के विपरीत है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के समय न तो धनशोधन के अपराध की बुनियादी शर्तें स्पष्ट की गईं और न ही गिरफ्तारी के आधार पर्याप्त रूप से बताए गए। अरोड़ा ने कहा कि वह हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड के प्रमोटर और पूर्व चेयरमैन रहे हैं लेकिन सार्वजनिक पद संभालने के बाद उन्होंने कंपनी के दैनिक संचालन से स्वयं को अलग कर लिया था। कंपनी ने वर्ष 2023-24 में मोबाइल फोन निर्यात कारोबार शुरू किया, जो वैध व्यापारिक विस्तार का हिस्सा था।
हरभजन सिंह की सुरक्षा पर जवाब में देरी पर पंजाब सरकार को फटकार
आदेश के बावजूद पूर्व क्रिकेटर एवं राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा से जुड़ी याचिका पर जवाब दाखिल करने में देरी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।
हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार जवाब दाखिल करने से बच रही है लेकिन 20 मई तक हर हाल में जवाब दाखिल करना होगा। पंजाब सरकार की ओर से अदालत से तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा गया था ताकि सुरक्षा संबंधी विस्तृत जवाब दाखिल किया जा सके। हालांकि हाईकोर्ट ने इस मांग को अस्वीकार करते हुए केवल एक सप्ताह का समय दिया। कोर्ट ने कहा कि अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हरभजन ने कहा है कि उनकी सुरक्षा वापस लेने के बाद उनके और परिवार के लिए खतरा बढ़ गया है। हाल ही में एक उग्र भीड़ ने उनके घर के बाहर पहुंचकर हमला किया, हंगामा किया और मकान के बाहर गद्दार लिख दिया। इस घटना को न केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा बल्कि परिवार की गरिमा और मानसिक शांति पर सीधा हमला बताया गया।