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अधिकारियों को सुप्रीम फटकार: कोर्ट ने कहा-चंडीगढ़ को स्लम बना दिया, वेंडर्स को वेंडिंग जोन में शिफ्ट करें

संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Wed, 13 May 2026 10:52 AM IST
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सार

अवैध वेंडरों और रेहड़ी-फड़ी से जुड़े बहुचर्चित मामले मलकीत सिंह बनाम यूटी चंडीगढ़ की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूटी प्रशासन के गृह सचिव, चंडीगढ़ के मेयर, नगर निगम कमिश्नर तथा शिकायत निवारण एवं विवाद समाधान समिति (जीआरडीआरसी) के अध्यक्ष अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए।

Supreme Court Reprimands Chandigarh Administration illegal Vendors
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार

चंडीगढ़ में अवैध वेंडरों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप लोगों ने चंडीगढ़ को स्लम बना दिया है। कोई भी वेंडर बाहर नहीं रहेगा। सभी को वेंडिंग जोन में शिफ्ट कीजिए। सड़कों या फुटपाथ पर किसी को नहीं रहने दिया जाए।
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मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे सभी अधिकारी सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने सभी अधिकारियों से बारी-बारी से उनका काम पूछा। सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम निर्देश के लिए फैसला रिजर्व कर लिया है।
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अवैध वेंडरों और रेहड़ी-फड़ी से जुड़े बहुचर्चित मामले मलकीत सिंह बनाम यूटी चंडीगढ़ की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूटी प्रशासन के गृह सचिव, चंडीगढ़ के मेयर, नगर निगम कमिश्नर तथा शिकायत निवारण एवं विवाद समाधान समिति (जीआरडीआरसी) के अध्यक्ष अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। अदालत पहले भी यूटी प्रशासन और नगर निगम को अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई तथा अधिकृत वेंडरों को निर्धारित वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने के निर्देश दे चुकी है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रशासन से शहर में अवैध वेंडिंग रोकने, सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटाने और लंबित मामलों के निपटारे को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी। यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब मनीमाजरा क्षेत्र में अवैध वेंडरों और सड़क किनारे अतिक्रमण को लेकर दायर याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद याचिकाकर्ता मलकीत सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

मामले की पहली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 4 अगस्त 2025 को हुई थी। इसके बाद 19 सितंबर 2025 को मामले पर दोबारा सुनवाई हुई। अब तक इस मामले में लगभग आठ बार सुनवाई हो चुकी है। हाल के महीनों में मामले की सुनवाई तेज हुई है। अप्रैल में 27 और 29 अप्रैल को सुनवाई हुई जबकि मई में 5 और 12 मई को अदालत ने मामले पर विस्तृत सुनवाई की। नवीनतम सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम निर्देशों पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।

शीर्ष कोर्ट के नगर निगम कमिश्नर से सवाल

  • अदालत ने नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार से पूछा- आप मूल रूप से कहां के रहने वाले हैं? उन्होंने बताया-वह बिहार के नालंदा से हैं।
  • अदालत ने पूछा कि नालंदा इतना साफ-सुथरा कैसे है? कमिश्नर तुरंत कोई जवाब नहीं दे सके। इसके बाद उन्हें माइक पकड़ाया गया और अदालत ने हिंदी में दोबारा वही प्रश्न पूछा। जब कमिश्नर जवाब नहीं दे पाए तो अदालत ने क्या कहा-नालंदा एक अंतरराष्ट्रीय पहचान वाला स्थान है, इसलिए वहां स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है।
  • चंडीगढ़ की भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान है। चंडीगढ़ को स्लम क्यों बना दिया? कमिश्नर चुप रहे। अदालत ने कहा, ‘यह आपकी जिम्मेदारी थी। आपने अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई?’

गृह सचिव से सवाल

सुप्रीम कोर्ट का सवाल : आप कहां के रहने वाले हैं?
मनदीप सिंह बराड़ का उत्तर : बोले- मेरा जन्म चंडीगढ़ में हुआ है और मैं यहीं पला-बढ़ा हूं।
प्रश्न : यदि आपके घर के सामने तंदूर वाला या छोले-भटूरे की रेहड़ी लग जाए तो क्या आप उसे वहां रहने देंगे?
उत्तर : नहीं, मैं उसे वहां नहीं लगने दूंगा।
प्रश्न : चंडीगढ़ को बेहतर बनाइए?
उत्तर : हम कुछ सुझाव लेकर आए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों से कहा, ‘आप लोग बाहर जाकर आपस में सलाह कर लीजिए और उसके बाद दोबारा अदालत में उपस्थित हों।’ इसके बाद दोपहर दो बजे चंडीगढ़ से गए सभी अधिकारी फिर अदालत में पेश हुए। अधिकारियों की बात सुनने के बाद अदालत ने कहा, ‘हमें सख्त आदेश जारी करने की नौबत आने से पहले आप लोग आवश्यक कार्रवाई कर लें।’ 

अदालत ने मेयर से पूछा, ‘क्या आपने इस मामले में कोई निर्णय लिया है?” इस पर मेयर ने जवाब दिया, ‘कुछ काम किया है और कुछ अभी किया जाना बाकी है।’ इसके बाद अदालत ने जीआरडीआरसी (शिकायत निवारण एवं विवाद समाधान समिति) के अध्यक्ष से पूछा, ‘क्या आपने इस मामले में निर्णय लिया है?’ इस पर बताया गया कि प्रक्रिया अभी जारी है।
 
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