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645 करोड़ का घोटाला: IDFC फर्स्ट बैंक के दो पूर्व कर्मी गिरफ्तार, सहायक-ड्राइवर के नाम पर बनाई शेल कंपनियां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Wed, 13 May 2026 01:20 PM IST
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सार
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक आरोपी रिभव ऋषि ने अपने निजी सहायक और ड्राइवर के नाम पर कैपको फिनटेक सर्विसेज और आरएस ट्रेडर नाम की शेल कंपनियां बनाई थीं। वहीं, अभय कुमार ने अपनी पत्नी और साले के नाम पर स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स नाम की फर्जी कंपनी बनाई।
आईडीएफसी बैंक
- फोटो : फाइल
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोनल कार्यालय ने हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन और निजी स्कूलों के खातों से करोड़ों रुपये के गबन मामले में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के दो पूर्व कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। ईडी ने रिभव ऋषि और अभय कुमार को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम 2002 के तहत गिरफ्तार किया है।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि करीब 645 करोड़ की सार्वजनिक धनराशि का गबन किया गया। यह राशि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीगढ़ व पंचकूला के दो निजी स्कूलों के बैंक खातों से निकाली गई।
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक आरोपी रिभव ऋषि ने अपने निजी सहायक और ड्राइवर के नाम पर कैपको फिनटेक सर्विसेज और आरएस ट्रेडर नाम की शेल कंपनियां बनाई थीं। वहीं, अभय कुमार ने अपनी पत्नी और साले के नाम पर स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स नाम की फर्जी कंपनी बनाई। आरोप है कि सरकारी विभागों के खातों से बड़ी रकम इन कंपनियों में ट्रांसफर की गई और बाद में इसे कई स्तरों पर घुमाया गया।
इन शेल कंपनियों के जरिये करोड़ों रुपये की राशि सीधे सरकारी खातों से निकाली गई। फिलहाल एजेंसी पूरे मनी ट्रेल की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। वहीं इस धन से किन संपत्तियों की खरीद की गई। ईडी ने दोनों आरोपियों को विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया। अदालत ने 21 मई तक दोनों को 10 दिन के रिमांड पर भेज दिया है।
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ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि करीब 645 करोड़ की सार्वजनिक धनराशि का गबन किया गया। यह राशि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीगढ़ व पंचकूला के दो निजी स्कूलों के बैंक खातों से निकाली गई।
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ईडी के अधिकारियों के मुताबिक आरोपी रिभव ऋषि ने अपने निजी सहायक और ड्राइवर के नाम पर कैपको फिनटेक सर्विसेज और आरएस ट्रेडर नाम की शेल कंपनियां बनाई थीं। वहीं, अभय कुमार ने अपनी पत्नी और साले के नाम पर स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स नाम की फर्जी कंपनी बनाई। आरोप है कि सरकारी विभागों के खातों से बड़ी रकम इन कंपनियों में ट्रांसफर की गई और बाद में इसे कई स्तरों पर घुमाया गया।
इन शेल कंपनियों के जरिये करोड़ों रुपये की राशि सीधे सरकारी खातों से निकाली गई। फिलहाल एजेंसी पूरे मनी ट्रेल की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। वहीं इस धन से किन संपत्तियों की खरीद की गई। ईडी ने दोनों आरोपियों को विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया। अदालत ने 21 मई तक दोनों को 10 दिन के रिमांड पर भेज दिया है।